ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार/मनावर कानून का खौफ जब खत्म हो जाता है, तो वर्दी और व्यवस्था बौनी नजर आने लगती है। ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला धार जिले की मनावर तहसील के ग्राम टवलाई से सामने आया है। यहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत उपयंत्री छगनसिंह सिसोदिया पर आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने उनके ही घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बरता का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित उपयंत्री ने बताया कि अखिल जोशी पिता अशोक जोशी टेंट व्यवसाई और महेश (पिता किशोर) सहित अन्य आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की ‘सुपारी’ देकर यह हमला करवाया। दबंगों ने उन्हें घर में घेरकर इतनी बेरहमी से पीटा कि उनका हाथ टूट गया।
पीड़ित का आरोप है कि “आरोपियों ने पूर्व में भी मुझे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया था और मुझ पर प्राणघातक हमला किया था। तब भी थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इसी ढिलाई से आरोपियों के हौसले बुलंद हुए और उन्होंने दोबारा मुझ पर यह खूनी हमला कर दिया।”
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। छगनसिंह का आरोप है कि पुख्ता सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद आरोपियों ने थाने पर ‘सेटिंग’ कर ली है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाते हुए महज एक डमी व्यक्ति को आरोपी बनाया और बाकी सबको क्लीन चिट दे दी।
स्थानीय थाने से मायूसी हाथ लगने के बाद, टूटे हाथ और गंभीर चोटों के साथ पीड़ित उपयंत्री न्याय की आस में धार पुलिस अधीक्षक (SP) के पास पहुंचे। उन्होंने एसपी को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, करके मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।



































