लखनऊ अग्निकांड में काल का ग्रास बने भालूमाड़ा के जयनिल, पार्थिव शरीर पहुंचते ही नम हुईं सैकड़ों आंखें
अनूपपुर/भालूमाड़ा, संतोष चौरसिया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। हादसे में जान गंवाने वाले 15 लोगों में भालूमाड़ा निवासी जयनिल चक्रवर्ती भी शामिल थे। मंगलवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर जब कोतमा कालरी स्थित उनके निवास पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी
जयनिल चक्रवर्ती, एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्रीय अस्पताल में पदस्थ एक्स-रे टेक्निशियन जयंत चक्रवर्ती के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे पिछले लगभग तीन वर्षों से लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में आईटी विभाग में गेम डेवलपर के पद पर कार्यरत थे। बताया गया कि सोमवार दोपहर वे अपने कोचिंग सेंटर में मौजूद थे, तभी भीषण आग लगने की घटना हुई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और जयनिल इसकी चपेट में आ गए। बचाव कार्य के दौरान उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भालूमाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया। मंगलवार को दोपहर लगभग तीन बजे जब उनका पार्थिव शरीर उनके गृह निवास पहुंचा तो परिजन, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
पड़ोसियों मैरी अन्ना और अजय द्विवेदी ने जयनिल को मिलनसार, प्रतिभाशाली और संस्कारी युवक बताते हुए कहा कि उनकी असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र ने एक होनहार युवा को खो दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस के विंध्याचल सिंह, जो पार्थिव शरीर को लेकर आए थे, ने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सम्मानपूर्वक पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया।
एक होनहार युवा की असामयिक मृत्यु ने पूरे भालूमाड़ा क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।



































