सपही के जर्जर राशन गोदाम में भीग रहा खाद्यान्न, हितग्राहियों में बढ़ा आक्रोश
छत से लगातार हो रहा पानी का रिसाव, खराब हो रहे अनाज के बीच जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल
वर्ष 2015-16 में करीब 6 लाख की लागत से बना था भवन, मरम्मत के अभाव में बिगड़े हालात
सिहावल। जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत कुबरी में स्थित राशन वितरण गोदाम भवन इन दिनों बदहाली का शिकार है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े इस भवन की छत से बारिश का पानी लगातार रिसने के कारण गोदाम में सुरक्षित रखा खाद्यान्न गीला होकर खराब होने की स्थिति में पहुंच रहा है। खाद्यान्न के खराब होने और उसके वितरण को लेकर क्षेत्र के हितग्राहियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया गया है कि राशन वितरण गोदाम भवन का निर्माण वर्ष 2015-16 में लगभग 6 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। निर्माण के कुछ वर्षों बाद से ही भवन की स्थिति खराब होने लगी और पिछले वर्ष से छत से पानी का रिसाव गंभीर समस्या बन गया है। बारिश के दौरान स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है, जब पानी गोदाम के अंदर पहुंचकर वहां रखे खाद्यान्न को प्रभावित करता है।
बारिश में बढ़ जाती है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार गोदाम की छत से पानी टपकने के कारण खाद्यान्न की बोरियां नमी की चपेट में आ जाती हैं। पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से अनाज के खराब होने की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ी मात्रा में शासकीय खाद्यान्न के खराब होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वहीं, जिन परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन मिलता है, उनके लिए गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में गीला अथवा खराब खाद्यान्न मिलने की शिकायतों से हितग्राहियों में असंतोष स्वाभाविक रूप से बढ़ रहा है।
पिछले वर्ष से रिसाव, फिर भी नहीं हुई मरम्मत
क्षेत्रीय समाजसेवी मृत्युंजय प्रसाद गौतम ने बताया कि भवन में पिछले वर्ष से ही पानी का रिसाव लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद अब तक भवन की आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई है और न ही खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि राशन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। यदि गोदाम की छत से पानी का रिसाव जारी रहता है तो न केवल सरकारी खाद्यान्न के नुकसान की आशंका है, बल्कि इसका सीधा असर उन हितग्राहियों पर पड़ेगा, जो हर माह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन पर निर्भर रहते हैं।
खाद्यान्न की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
गोदाम में पानी के रिसाव के कारण खाद्यान्न के गीला होने की स्थिति ने राशन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें यदि नमी से प्रभावित अथवा खराब खाद्यान्न वितरित किया जाता है तो उनकी परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में संबंधित विभाग को गोदाम में रखे खाद्यान्न का निरीक्षण कर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए।
वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
मृत्युंजय प्रसाद गौतम ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मामले को तत्काल संज्ञान में लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक जर्जर भवन की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक खाद्यान्न को सुरक्षित रखने के लिए किसी वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि बारिश के पानी से सरकारी खाद्यान्न को नुकसान न पहुंचे।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गोदाम भवन का तकनीकी निरीक्षण कराकर उसकी आवश्यक मरम्मत तत्काल कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी हितग्राही को खराब अथवा गीला खाद्यान्न वितरित न हो।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और राशन गोदाम की जर्जर स्थिति से राहत दिलाकर हितग्राहियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
































































