सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन को मृत्युदंड, चौथे दोषी को आजीवन कारावास

प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, घटना से दहल उठा था छत्तीसगढ़; फैसले को न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है
रिपोर्टर: राकेश मिश्रा
कोतमा/सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 8 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड तथा चौथे दोषी आर्यन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसले के बाद पुलिसकर्मियों के परिवारों सहित क्षेत्र के लोगों में संतोष का माहौल देखने को मिला। इस निर्णय को गंभीर अपराधों के मामलों में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
दुर्गा पंडाल में विवाद के बाद बढ़ा था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की पृष्ठभूमि 13 अक्टूबर 2024 की बताई जाती है। उस दौरान सूरजपुर में मां दुर्गा पंडाल में जागरण का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई का कुछ युवकों से विवाद हो गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज कुलदीप साहू ने पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर गर्म तेल डालने तथा वाहन चढ़ाने का प्रयास किया।
बदले की भावना से वारदात को दिया अंजाम
घटना के बाद आरोपी के मन में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बदले की भावना पनपने की बात सामने आई। आरोप के मुताबिक, कुलदीप साहू अपने साथियों के साथ प्रधान आरक्षक तालिब शेख के घर पहुंचा। प्रधान आरक्षक के घर पर नहीं मिलने पर आरोपियों ने उनकी पत्नी और 11 वर्षीय बेटी को निशाना बनाया। दोनों पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शवों को वाहन में ले जाकर गांव के एक खेत में फेंकने का आरोप है।
घटना के बाद क्षेत्र में फैल गया था आक्रोश
दोहरी हत्या की जानकारी सामने आने के बाद सूरजपुर जिले में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था। घटना से नाराज लोगों ने मुख्य आरोपी के वाहन और घर में आग लगा दी थी। मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना और पुलिसकर्मियों के परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे।
अदालत के फैसले से न्याय की उम्मीद मजबूत
8 अक्टूबर 2026 को आए फैसले में तीन दोषियों को मृत्युदंड और चौथे दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस निर्णय को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। घटना ने समाज को झकझोर दिया था और अब अदालत के फैसले के बाद लोगों की निगाहें आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी रहेंगी।






































































