संविदा बिजली कर्मियों के नियमितीकरण पर नोटिफिकेशन में देरी, नोडल कंपनी से संघ ने मांगा जवाब
4-5 हजार कर्मचारियों के भविष्य का सवाल, तकनीकी कर्मचारी संघ ने चार बिंदुओं पर मांगी वस्तु-स्थिति की जानकारी
रिपोर्टर भरत मिश्रा, कोतमा
कोतमा। बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए प्रस्तावित नवीन नियुक्ति योजना का नोटिफिकेशन जारी होने में हो रही देरी को लेकर मध्यप्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ ने नोडल कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संघ के शहडोल संभाग क्षेत्रीय अध्यक्ष ब्रजभान सूर्यवंशी एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी ने इस संबंध में वस्तु-स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नवीन नियुक्ति योजना तैयार की जानी है। इसके तहत बिजली कंपनियों में वर्षों से जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कर रहे संविदा लाइन परिचारक, परीक्षण सहायक सहित अन्य कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
संघ का कहना है कि शासन स्तर से सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद भी मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर, जो नोडल कंपनी है, द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने में कथित तौर पर विलंब किया जा रहा है। इससे करीब 4-5 हजार संविदा कर्मचारियों और उनके परिवारों में असंतोष है।
चार बिंदुओं पर मांगा स्पष्ट जवाब
तकनीकी कर्मचारी संघ ने नोडल कंपनी से पूछा है कि ऊर्जा विभाग द्वारा अनुमोदित नवीन नियुक्ति एवं नियमितीकरण योजना का प्रारूप वर्तमान में किस स्तर पर लंबित है। सभी छह बिजली कंपनियों से सहमति लिए जाने के बाद भी नोटिफिकेशन जारी करने में देरी का वास्तविक कारण क्या है। संघ ने यह भी पूछा कि क्या शासन के निर्णय पर नोडल कंपनी स्तर पर अनावश्यक विलंब किया जा रहा है और नियमितीकरण का नोटिफिकेशन कब तक जारी होगा।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट समय-सीमा घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि शीघ्र वस्तु-स्थिति स्पष्ट कर नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया तो संघ द्वारा प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।



































































