अनूपपुर 02 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त कर अनूपपुर जिले के लालमणि यादव ने अपने कारोबार को नई दिशा दी है। योजना से मिले आर्थिक सहयोग और निरंतर मेहनत के बल पर आज वे अपने दो प्रतिष्ठानों का संचालन कर रहे हैं तथा लगभग 10 से 12 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
लालमणि यादव ने वर्ष 2019 में ‘लक्ष्मी एंटरप्राइजेज’ के नाम से सीमेंट, लोहा एवं निर्माण सामग्री का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के शुरुआती दौर में पूंजी की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
वर्ष 2022 में उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन किया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, राजनगर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री जय कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं सहयोग से ऋण संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में उन्हें सहायता मिली। योजना के माध्यम से प्राप्त वित्तीय सहयोग से व्यवसाय के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने और कारोबार को विस्तार देने में मदद मिली।
योजना से मिले सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर लालमणि यादव ने कारोबार को आगे बढ़ाया। वर्तमान में वे ‘लक्ष्मी एंटरप्राइजेज’ एवं ‘आदित्य ट्रेडर्स’ का संचालन कर रहे हैं। दोनों प्रतिष्ठानों के माध्यम से सीमेंट, लोहा एवं निर्माण सामग्री का व्यवसाय किया जा रहा है। उनके कारोबार से लगभग 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिससे वे स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ अन्य परिवारों की आजीविका में भी योगदान दे रहे हैं।
लालमणि यादव बताते हैं कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से प्राप्त सहयोग उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि योजना से मिली सहायता ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर दिया। आज उनका प्रयास अपने कारोबार को और आगे बढ़ाने के साथ अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने का है।
लालमणि यादव की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की स्वरोजगारपरक योजनाओं का लाभ लेकर मेहनत और निरंतर प्रयास से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया जा सकता है। योजना से मिले सहयोग ने उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत किया और उनके कारोबार को स्वयं के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बनाया।


































































