नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मार्ग सहित सभी सड़कों पर होने वाले हादसों पर मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा
अनूपपुर 29 मई 2026/सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने के लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बेहद संवेदनशील और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सरकार द्वारा ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ के तहत अब सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए (डेढ़ लाख रुपए) तक के नि:शुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना को फरवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
अक्सर देखा जाता है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कीमती समय (गोल्डन ऑवर) में पैसों के अभाव या औपचारिकता के कारण इलाज में देरी हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए योजना के तहत अब पीड़ित व्यक्ति या उसके परिजनों को अस्पताल में इलाज के लिए तुरंत पैसे देने की आवश्यकता नहीं होगी। दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल में अधिकतम निर्धारित दिनों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।
यह योजना केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक ही सीमित नहीं है। जिले या देश के किसी भी कोने में, चाहे वह नेशनल हाईवे हो, स्टेट हाईवे हो या फिर आंतरिक जिला सड़कें हों, सभी प्रकार के मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ित इस कैशलेस उपचार सुविधा के पात्र होंगे।
ई-डार पोर्टल से जुड़ी पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था
योजना को पूरी तरह डिजिटल और त्वरित बनाने के लिए ई-डार (e-DAR) पोर्टल के माध्यम से इसकी लाइव निगरानी की जा रही है। दुर्घटना होते ही पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीड़ित एवं घटना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां इस पोर्टल पर तुरंत दर्ज की जाती हैं। डिजिटल डेटा शेयरिंग की इस व्यवस्था से पीड़ित को बिना किसी कागजी देरी के, सही समय पर जीवन रक्षक उपचार सहायता मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।




































