सिर्फ 50 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर से कैसे रुकेगा संक्रमण?
लतार ग्राम पंचायत में वितरण पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले यह दिखावा है या जनस्वास्थ्य की सुरक्षा?’

जमुना कोतमा अनूपपुर लगातार हो रही बारिश के बीच संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों में ब्लीचिंग पाउडर का वितरण किया जा रहा है, लेकिन ग्राम पंचायत लतार में प्रति घर मात्र 50 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी कम मात्रा से न तो नालियों का शोधन हो सकता है और न ही घरों के आसपास संक्रमण रोकने का उद्देश्य पूरा हो सकता है

ग्रामीण दशरथ ने बताया कि जब उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से इतनी कम मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर देने का कारण पूछा तो जवाब मिला कि “हमें ऊपर से इतना ही देने के निर्देश हैं।” इसके बाद ग्रामीणों में सवाल उठने लगे कि आखिर यह आदेश किस स्तर से जारी हुआ और क्या वास्तव में किसी निर्धारित मानक के तहत प्रति परिवार केवल 50 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर वितरित किया जा रहा है?
क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलभराव, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे समय में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराना आवश्यक माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वितरण केवल औपचारिकता निभाने के लिए किया जा रहा है तो इसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग इस मामले की जांच कर स्पष्ट करें कि प्रति परिवार ब्लीचिंग पाउडर वितरण का निर्धारित मानक क्या है। यदि 50 ग्राम ही वितरित किया जा रहा है, तो उसके पीछे क्या वैज्ञानिक या प्रशासनिक आधार है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की जनहितकारी योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ वास्तविक रूप से लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मांग की है कि केवल कागजी कार्रवाई पूरी करने के बजाय इतनी मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराया जाए, जिससे गांव में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण का उद्देश्य वास्तव में पूरा हो सके





























































