उल्लेखनीय है कि श्री आनंद मोहन वर्तमान में सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) में निदेशक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत हैं। कोयला मंत्रालय की स्वीकृति के उपरांत उन्हें 06 नवंबर 2026 से बीसीसीएल में निदेशक (तकनीकी) का अतिरिक्त प्रभार छह माह की अवधि अथवा नियमित पदाधिकारी के कार्यभार ग्रहण करने या अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, के लिए सौंपा गया है।
श्री मोहन ने वर्ष 1989 में कर्नाटक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, सुरथकल से खनन अभियांत्रिकी में बी.टेक. की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात वर्ष 2005 में भारतीय खनि विद्यापीठ (आईएसएम), धनबाद से ओपनकास्ट माइनिंग में एम.टेक. किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेल्स, यूनाइटेड किंगडम से पर्यावरण प्रबंधन में विशेषज्ञता भी प्राप्त की है। उनके पास प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक दक्षता प्रमाणपत्र भी है।
कोयला खनन क्षेत्र में साढ़े तीन दशकों से अधिक के अपने अनुभव के दौरान श्री मोहन ने कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों, एनसीएल, डब्ल्यूसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्होंने ओपनकास्ट एवं भूमिगत खदानों में कार्य करने के साथ-साथ परिचालन प्रबंधन, परियोजना विकास, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अनुभव अर्जित किया है।
सीसीएल में वर्ष 2013 से 2021 तक विभिन्न परियोजनाओं में प्रोजेक्ट ऑफिसर के रूप में कार्य करने के बाद उन्होंने ईसीएल के सोनेपुर बाजारी प्रोजेक्ट में महाप्रबंधक (परिचालन) एवं परियोजना अधिकारी का दायित्व संभाला। जून 2022 में वे इसी परियोजना में क्षेत्रीय महाप्रबंधक बने। उनके नेतृत्व में सोनेपुर बाजारी क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 12 मिलियन टन कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया तथा सर्वाधिक लाभ अर्जित किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें कोयला मंत्री पुरस्कार 2022-23 (व्यक्तिगत श्रेणी, बड़े क्षेत्र) से सम्मानित किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में उन्हें कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष द्वारा व्यक्तिगत उत्कृष्टता प्रमाणपत्र (सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र महाप्रबंधक) भी प्रदान किया गया।
श्री मोहन ने खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, डिजिटलीकरण, सुरक्षा एवं सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने खनन तकनीक, ब्लास्ट इनिशिएशन सिस्टम एवं खदानों की ढलान निगरानी जैसे विषयों पर विभिन्न तकनीकी शोधपत्र भी प्रस्तुत किए हैं।
बीसीसीएल प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री आनंद मोहन के व्यापक अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता एवं प्रबंधकीय दक्षता से कंपनी की परिचालन क्षमता, परियोजना विकास तथा संगठन के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।




























