सीपीआर और स्नेक रेस्क्यू का प्रशिक्षण लेकर आपदा प्रबंधन में दक्ष हुए एमसीबी पुलिस के जवान

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रक्षित केंद्र में स्वास्थ्य विभाग और स्नेक सेवर टीम ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण, आपातकाल में त्वरित और सुरक्षित कार्यवाही पर रहा जोर

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। आमतौर पर कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस अब आपदा और आपात स्थितियों में भी प्रभावी भूमिका निभाने के लिये खुद को लगातार प्रशिक्षित कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में रक्षित केंद्र आमाखेरवा में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिये सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और सर्पों से सुरक्षित बचाव के साथ वन्यजीव संरक्षण विषय पर विशेष संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जनरल परेड के निरीक्षण के बाद शुरू हुए इस प्रशिक्षण में सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के डॉ. जयंत यादव और उनकी टीम ने पुलिस जवानों को सीपीआर की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का अभ्यास कराया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि हृदय गति या सांस रुकने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है। जवानों ने स्वयं अभ्यास कर इस तकनीक की बारीकियों को समझा।

इसके बाद ऑल इंडिया वाइल्डलाइफ रेस्क्यूवर्स ग्रुप के प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद कुमार पाण्डेय और उनकी स्नेक सेवर टीम ने सर्पों की विभिन्न प्रजातियों, विषैले और विषहीन सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और सुरक्षित रेस्क्यू की प्रक्रिया की जानकारी दी। टीम ने बताया कि बरसात के मौसम में सर्पों के रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं ऐसे में घबराने के बजाय सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रहलाद कुमार पाण्डेय ने लाइव डेमो के माध्यम से बताया कि किसी भी स्थान पर सर्प मिलने पर पुलिसकर्मी किस प्रकार भीड़ को नियंत्रित करते हुए स्वयं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं तथा विशेषज्ञों की सहायता से सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सर्प पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जाना चाहिये।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) ने कहा कि पुलिसकर्मी अक्सर किसी भी दुर्घटना या आपदा स्थल पर सबसे पहले पहुंचते हैं। ऐसे में सीपीआर और सर्पों से सुरक्षित बचाव जैसी जानकारियां पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ साथ आम नागरिकों का जीवन बचाने में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण में स्नेक सेवर टीम के तंजीम अंसारी, वाहिद खान और मोहम्मद नबी ने भी व्यावहारिक प्रदर्शन कर पुलिस जवानों को प्रशिक्षित किया। इस अवसर पर सीएसपी चिरमिरी श्रीमती दीपिका मिंज, डीएसपी (मुख्यालय) श्रीमती तरशीला टोप्पो, रक्षित निरीक्षक हेमंत टोप्पो सहित पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

*वन्यजीव रेस्क्यू के लिये हेल्पलाइन*

 

स्नेक सेवर टीम ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं सर्प दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने का प्रयास ना करें। सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

प्रहलाद कुमार पाण्डेय – 9131426949

तंजीम अंसारी – 9340664559

वाहिद खान – 9301410476

मोहम्मद नबी – 7389647955

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