राखी की डोर से बढ़कर कर्तव्य का बंधन, कोतमा की महिला पुलिसकर्मी बनीं सुरक्षा की ढाल
घर से दूर, कर्तव्य के करीब रहकर बहनों ने निभाया सुरक्षा का संकल्प
कोतमा। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। कोतमा थाना क्षेत्र में पदस्थ महिला पुलिसकर्मियों ने इस भावना को अपने कर्तव्य से नई पहचान दी है। पर्व के दौरान जहां अधिकांश बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर खुशियां मना रही हैं, वहीं महिला पुलिसकर्मी समाज की बहनों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आईं।
महिला पुलिसकर्मी सुप्रिया त्रिपाठी, पिंकी प्रजापति और कंचन चौहान जनसेवा को सर्वोपरि मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। इनका कहना है कि रिश्तों की रक्षा के साथ समाज की सुरक्षा भी जरूरी है और पुलिस सेवा इसी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महिला आरक्षक सुप्रिया त्रिपाठी लगातार स्कूल और कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं महिलाओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव सहित साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनका प्रयास है कि महिलाओं और उनके परिवारों को सुरक्षित रखने के साथ उन्हें अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
महिला आरक्षक पिंकी प्रजापति महिला संबंधी शिकायतों के मामलों में लगातार जिम्मेदारी निभाती हैं। घर से लापता किशोरियों और महिलाओं की सकुशल दस्तयाबी के लिए पुलिस टीम के साथ दूसरे राज्यों तक जाना पड़ता है। लापता किशोरियों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने में मिलने वाली खुशी ही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है।
वहीं महिला आरक्षक कंचन चौहान पुलिस सेवा के साथ महिला सुरक्षा जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। थाने में आने वाली महिलाओं और किशोरियों को परिवार के सदस्य की तरह समझाकर उनकी समस्याओं को सुनना और आवश्यक मार्गदर्शन देना उनकी प्राथमिकता रहती है।
त्योहारों के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पर रहने का सिलसिला पिछले कई वर्षों से जारी है। घर से दूर रहकर भी वे अपने सहकर्मियों को राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और आपसी सद्भाव का संदेश देती हैं। उनके लिए त्योहार से बढ़कर कर्तव्य और जनता की सुरक्षा है।
महिला पुलिसकर्मियों की इस कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की क्षेत्र में सराहना हो रही है। व्यक्तिगत खुशियों से ऊपर उठकर जनसेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाना निश्चित रूप से रक्षाबंधन के ‘सुरक्षा और विश्वास’ के संदेश को सार्थक करता है।
































































