छात्रों के सवालों का जवाब दें स्वास्थ्य मंत्री, दिमागी नक्सली कहना बंद करें – एनएसयूआई

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छात्रों के सवालों का जवाब दें स्वास्थ्य मंत्री, दिमागी नक्सली कहना बंद करें – एनएसयूआई

युवा सवाल पूछेंगे, जवाब भी मांगेंगे। श्याम बिहारी के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे का पलटवार

मनेन्द्रगढ़। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को “दिमागी नक्सली” कहे जाने के बयान के विरोध में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ता थाना कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में सामूहिक गिरफ्तारी देने पहुंचे। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेन्द्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष कासिम अंसारी, एनएसयूआई नेता दिव्यम पांडे सहित एनएसयूआई, युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, छात्र और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे

एनएसयूआई की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान पर कायम हैं और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और युवाओं को “दिमागी नक्सली” मानते हैं तो एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाये। यदि यह बयान गलत है और एनएसयूआई कार्यकर्ता और युवा नक्सली नहीं हैं तो स्वास्थ्य मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और इस प्रकार का बयान देने वाले मंत्री के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाये

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि प्रदेश के छात्र अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। एमबीबीएस प्रवेश को लेकर प्रदेश के छात्रों के हक से जुड़े गंभीर आरोप सामने आये हैं तथा बाहर के छात्रों को कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश दिये जाने की शिकायतें हैं। सरकार को इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिये। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाले छात्रों को दिमागी नक्सली कहना लोकतंत्र में किसी भी रूप से स्वीकार्य नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र और युवा प्रदेश का भविष्य हैं। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। अपने अधिकारों के लिये आवाज उठाने वाले छात्रों को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को बयानबाजी के बजाय स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिये

पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये उचित नहीं है। छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री का बयान गलत है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिये और यदि बयान सही है तो सरकार को उसके आधार पर कार्यवाही करनी चाहिये

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेन्द्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को पहले अपना स्वास्थ्य विभाग संभालना चाहिये। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े अनेक सवाल हैं जनता और मरीजों की समस्याएं हैं लेकिन इन सवालों का समाधान करने के बजाय छात्रों और युवाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस प्रवेश में प्रदेश के छात्रों के हक से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। प्रदेश के छात्र यदि अपने अधिकारों के लिये आवाज उठा रहे हैं तो उन्हें दिमागी नक्सली कहना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का अपमान है। सौरव मिश्रा ने कहा की जिस युवा शक्ति ने आपको कुर्सी तक पहुंचाया है वही युवा शक्ति लोकतांत्रिक तरीके से आपको उस कुर्सी से उखाड़ फेंकने की ताकत भी रखती है

जिला एनएसयूआई अध्यक्ष कासिम अंसारी ने कहा कि अपने हक और भविष्य के लिये आवाज उठाने वाला छात्र नक्सली नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों के लिये हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। यदि मंत्री अपने बयान को सही मानते हैं तो एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाये अन्यथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर अपने बयान को वापस लिया जाये

एनएसयूआई नेता दिव्यम पांडे ने कहा कि प्रदेश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक है। युवाओं की आवाज को अपमानजनक शब्दों से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस प्रवेश से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कर प्रदेश के छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है

एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश की जनता के जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री को विभाग की व्यवस्थाओं को सुधारने और जनता के सवालों का जवाब देने पर ध्यान देना चाहिये। छात्रों के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाने पर उन्हें अपमानित करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने थाना कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर अपनी सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश करते हुए कहा कि या तो हमें गिरफ्तार किया जाये या स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान के लिये सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाये

एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्रों और युवाओं के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। “छात्र सवाल पूछेंगे, युवा जवाब मांगेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिये संघर्ष करते रहेंगे

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