ऊर्जा सुरक्षा पर मंथन: सीसीएल में राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य पर कार्यशाला, विशेषज्ञों ने बताए भविष्य के ऊर्जा समाधान

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ऊर्जा सुरक्षा पर मंथन: सीसीएल में राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य पर कार्यशाला, विशेषज्ञों ने बताए भविष्य के ऊर्जा समाधान

रांची। देश की ऊर्जा सुरक्षा, भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा के उद्देश्य से सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास विभाग (एचआरडी) एवं एनआईपीएम रांची चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को “Perspective of Energy Security at CCL” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के वर्तमान परिदृश्य, भविष्य की चुनौतियों और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, एमसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) केशव राव, महाप्रबंधक (अधि. स्थापना) एस.के. ठाकुर, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक सहित सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

स्वागत संबोधन में हर्ष नाथ मिश्र ने मुख्य अतिथि केशव राव का स्वागत करते हुए उन्हें ज्ञान और नवाचार के प्रति सदैव जिज्ञासु व्यक्तित्व बताया। उन्होंने दोनों अधिकारियों के लंबे पेशेवर अनुभव और साझा कार्ययात्रा का भी उल्लेख किया।

मुख्य वक्ता के रूप में केशव राव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा की अवधारणा, बढ़ती ऊर्जा मांग, वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य, औद्योगिक विकास की आवश्यकताओं तथा ऊर्जा क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के लिए ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ वैकल्पिक एवं टिकाऊ ऊर्जा विकल्पों को अपनाने, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में ऊर्जा क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में तकनीकी नवाचार, संसाधनों का कुशल प्रबंधन और सतत ऊर्जा नीति ही भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े रणनीतिक, नीतिगत एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विशेषज्ञों से संवाद किया। कार्यक्रम ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ऊर्जा सुरक्षा के वर्तमान एवं भविष्य के स्वरूप को समझने का व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया।

कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक एस.के. ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं संगठन में ज्ञान-विनिमय, नवाचार और बौद्धिक विकास को नई दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर संवाद से भविष्य की चुनौतियों का बेहतर समाधान खोजा जा सकेगा।

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