मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल, ड्यूटी रोस्टर ने बढ़ाई चर्चा, अब वास्तविक सेवाओं पर टिकी निगाहें
220 बिस्तरीय अस्पताल में 19 चिकित्सकों का आपातकालीन रोस्टर सामने आया, रोजाना 700 मरीजों की ओपीडी और रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
मनेन्द्रगढ़। मरीजों की बढ़ती संख्या, चिकित्सकों की उपलब्धता और रात के समय मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा द्वारा अस्पताल की रात्रिकालीन सेवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता पर सवाल उठाये जाने के बाद अस्पताल का आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर सामने आया है। इससे निर्धारित ड्यूटी व्यवस्था की जानकारी तो मिलती है लेकिन अस्पताल में सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिये कई पहलुओं की पड़ताल जरूरी है।
अस्पताल से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों और 20 से अधिक एमबीबीएस डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध होने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रतिदिन करीब 700 मरीजों की ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे और लगभग 250 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता का दावा किया गया है। इन सुविधाओं के बीच मुख्य सवाल यह है कि मरीजों को आवश्यकता के समय किस स्तर की चिकित्सा सुविधा मिल रही है और आपातकालीन परिस्थितियों में व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
रोस्टर में 19 चिकित्सकों के नाम, दिन और रात की ड्यूटी निर्धारित
अक्टूबर 2026 के प्रथम पखवाड़े के लिये जारी आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर में 1 से 15 अक्टूबर तक चिकित्सकों की तिथिवार जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। आदेश के अनुसार दिन की ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक और रात की ड्यूटी रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे तक रखी गई है।
रोस्टर में डॉ. अर्चना तुलसीराम कुम्हारे, डॉ. आयुष आनंद, डॉ. प्रगति जगत, डॉ. रोशनी पैकरा, डॉ. अभय कुमार भगत, डॉ. राजकुमार, डॉ. मनोहर सिंह, डॉ. स्वाति सिंह, डॉ. मधु चौहान, डॉ. स्वरज राय, डॉ. नितेश सैकराज, डॉ. दिव्या मीना, डॉ. अनीषा उपाध्याय, डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. निशा चौधरी, डॉ. रिया एक्का, डॉ. सुभिता तिग्गा और डॉ. शिफा रहमान के नाम शामिल हैं। यह सूची अस्पताल की निर्धारित आपातकालीन ड्यूटी व्यवस्था को दर्शाती है। हालांकि रोस्टर जारी होना और संबंधित चिकित्सक का निर्धारित समय पर अस्पताल में मौजूद रहना अलग अलग बातें हैं। वास्तविक स्थिति जानने के लिये ड्यूटी रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड और आपातकालीन मरीजों के उपचार संबंधी जानकारी का परीक्षण आवश्यक है।
मरीजों का दबाव, व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी
मनेन्द्रगढ़ का सिविल अस्पताल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिये भी महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। प्रतिदिन लगभग 700 मरीजों की ओपीडी का आंकड़ा सही होने पर यह अस्पताल पर पड़ने वाले कार्यभार को दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिये चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ जांच, दवाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारु संचालन भी जरूरी है। अस्पताल की व्यवस्था का आकलन करते समय यह देखना होगा कि मरीजों को परामर्श के लिये कितना इंतजार करना पड़ता है आवश्यक जांच समय पर हो पाती है या नहीं और आपातकालीन मामलों में उपचार कितनी जल्दी शुरू होता है।
जांच और दवाओं की सुविधा, उपलब्धता की पुष्टि भी जरूरी
अस्पताल में अटल आरोग्य लैब, एक्स-रे और करीब 250 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी गई है। ये सुविधाएं मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि दवाओं के स्टॉक, जांच सेवाओं के नियमित संचालन और उपकरणों की कार्यशीलता की स्थिति संबंधित रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है।
सीटी स्कैन सुविधा से मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने की जानकारी के बीच मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में भी यह सुविधा जल्द शुरू करने की तैयारी बताई गई है। इसके शुरू होने से गंभीर चोटों और अन्य बीमारियों की जांच में मदद मिल सकती है साथ ही जरूरतमंद मरीजों को जांच के लिये दूसरे शहरों पर निर्भर रहने की परेशानी कम होने की उम्मीद है। हालांकि मनेन्द्रगढ़ में सुविधा शुरू होने की तारीख और वर्तमान तैयारियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
रेफरल के हर मामले को उसके कारणों के आधार पर देखना होगा
अस्पताल से मरीजों को दूसरे चिकित्सा केंद्रों में भेजे जाने के मामलों पर भी निष्पक्ष समीक्षा की जरूरत है। गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार के लिये रेफर करना कई बार चिकित्सकीय आवश्यकता होती है। दूसरी ओर यदि किसी मामले में उपलब्ध सुविधाओं के बावजूद उपचार में देरी हुई हो तो उसकी जांच होनी चाहिये। रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था, विशेषज्ञों की उपलब्धता और कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े सवालों का जवाब भी विभागीय आदेशों, उपस्थिति रिकॉर्ड और मरीजों के उपचार संबंधी दस्तावेजों के आधार पर सामने आना चाहिये। सुविधाओं की सूची से आगे, मरीजों को मिलने वाली सेवा अहम
220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या, आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर, ओपीडी और जांच सुविधाओं की जानकारी व्यवस्था के आकलन का एक पक्ष है। दूसरा पक्ष यह है कि इन संसाधनों का लाभ मरीजों को किस तरह और कितनी समयबद्धता से मिल रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के लिये रात्रिकालीन सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, रेफरल प्रक्रिया और दवाओं जांच की स्थिति पर तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करना उपयोगी होगा। इससे उठ रहे सवालों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों दोनों का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर होना चाहिये। आखिरकार मनेन्द्रगढ़ और आसपास के क्षेत्र के मरीजों के लिये सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि उन्हें जरूरत के समय उचित चिकित्सकीय परामर्श और उपचार मिल सके।








































































