कोयला खनन में एआई की नई उड़ान, ईसीएल और एनआईटी दुर्गापुर ने अधिकारियों को दिया अत्याधुनिक प्रशिक्षण

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कोयला खनन में एआई की नई उड़ान, ईसीएल और एनआईटी दुर्गापुर ने अधिकारियों को दिया अत्याधुनिक प्रशिक्षण

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के उपयोग से बढ़ेगी खान सुरक्षा, परिचालन दक्षता और निर्णय क्षमता

दुर्गापुर। कोयला खनन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को गति देने और अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों से दक्ष बनाने की दिशा में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) दुर्गापुर के सहयोग से शुक्रवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। सिटी रेजीडेंसी, दुर्गापुर में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराना तथा खनन क्षेत्र में एआई आधारित समाधानों के प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं कोल इंडिया के कॉर्पोरेट गीत के साथ हुआ। स्वागत संबोधन में एनआईटी दुर्गापुर के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग आज उद्योगों की कार्यशैली में व्यापक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग ही भविष्य के तकनीक-सक्षम मानव संसाधन तैयार करने की कुंजी है।

ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से खनन कार्यों की उत्पादकता बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार, त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने, जोखिम कम करने और खान सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से नई तकनीकों को अपनाने और बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने का आह्वान किया।

तकनीकी सत्रों की शुरुआत आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी डॉ. सुब्रत नंदी के व्याख्यान से हुई। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की मूलभूत अवधारणाओं, उनके औद्योगिक उपयोग तथा डेटा आधारित निर्णय प्रणाली की कार्यप्रणाली को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

दोपहर के सत्र में एनआईटी दुर्गापुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सर्वानन चंद्रन ने एआई एवं मशीन लर्निंग के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि बुद्धिमान एआई आधारित प्रणालियां खदानों में संभावित जोखिमों का पूर्वानुमान लगाने, मशीनों की स्थिति का विश्लेषण करने, दुर्घटनाओं की संभावना कम करने तथा सुरक्षित एवं कुशल खनन संचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागी अधिकारियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अधिकारियों ने खनन क्षेत्र में एआई आधारित तकनीकों के व्यावहारिक क्रियान्वयन, चुनौतियों तथा संभावित समाधानों पर विचार साझा किए।

इस अवसर पर ईसीएल के निदेशक (कार्मिक) गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (तकनीकी) गिरीश गोपीनाथन नायर, विभिन्न विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, एनआईटी दुर्गापुर के संकाय सदस्य तथा ईसीएल की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. सर्वानन चंद्रन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच इस प्रकार का सहयोग भविष्य के लिए तकनीकी रूप से दक्ष और नवाचार आधारित कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग ईसीएल के अधिकारी खनन कार्यों को अधिक सुरक्षित, कुशल और तकनीक-संचालित बनाने में करेंगे।

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