- पूर्व सीएमडी एसईसीएल ने बीसीसीएल अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ किया संवाद
कोयला भवन मुख्यालय में आज एक विशेष संवादात्मक सत्र – रिफ्लेक्शन्स (प्रतिबिंब) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एवं भारतीय कोयला उद्योग के प्रतिष्ठित खनन विशेषज्ञ डॉ. प्रेम सागर मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की तथा बीसीसीएल के अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ खनन उद्योग से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर संवाद किया। उन्होंने खनन संचालन, परियोजना प्रबंधन, उत्पादन नियोजन, सुरक्षा, संगठनात्मक विकास, नेतृत्व क्षमता, मानव संसाधन प्रबंधन तथा बदलते औद्योगिक परिवेश में नवाचार एवं तकनीकी उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने व्यापक अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह सहित कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री पी.एस मिश्रा के औपचारिक स्वागत, पारंपरिक दीप-प्रज्ज्वलन तथा कोल इंडिया गीत के साथ की गई। सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने डॉ. मिश्रा का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
स्वागत संबोधन में सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कोयला उद्योग के प्रतिष्ठित खनन विशेषज्ञ, कुशल प्रशासक एवं प्रेरणादायी नेतृत्वकर्ता के रूप में डॉ. प्रेम सागर मिश्रा का व्यावसायिक जीवन सभी कोल-कर्मियों के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद है। उन्होंने अपने चार दशक के गौरवपूर्ण सेवाकाल में तकनीकी दक्षता, उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार तथा परिणामोन्मुख कार्यसंस्कृति के माध्यम से कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न सहायक कंपनियों को नई दिशा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि एसईसीएल और ईसीएल के सीएमडी के रूप में डॉ. मिश्रा के नेतृत्व में कंपनी ने अभूतपूर्व उपलब्धियाँ अर्जित कीं। श्री मिश्रा का व्यक्तित्व, नेतृत्व एवं कार्यशैली उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयोजित संवाद बीसीसीएल के अधिकारियों एवं कर्मियों को संगठनात्मक उत्कृष्टता, नवाचार तथा उत्तरदायी नेतृत्व की दिशा में निरंतर प्रेरित करेगा।
अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. पी. एस. मिश्रा ने कोयला उद्योग में लगभग चार दशकों के अपने व्यावहारिक अनुभव तथा खनन क्षेत्र की तकनीकी बारीकियों को अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि कोयला उद्योग देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधार है और बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक खनन पद्धतियों, डिजिटल नवाचार तथा सतत एवं सुरक्षित खनन को अपनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की सबसे बड़ी शक्ति उसका मानव संसाधन है। जब कार्यसंस्कृति पारदर्शिता, संवाद, उत्तरदायित्व, नवाचार और टीम भावना पर आधारित होती है, तब संगठन निरंतर नई उपलब्धियाँ अर्जित करता है। उन्होंने अधिकारियों एवं युवा अभियंताओं से कहा कि वे निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें, अपने ज्ञान एवं कौशल का सतत विकास करें तथा प्रत्येक चुनौती को सीखने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के अवसर के रूप में स्वीकार करें।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि उत्कृष्ट नेतृत्व का उद्देश्य केवल उत्पादन एवं व्यावसायिक लक्ष्यों की प्राप्ति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संगठन में विश्वास, सहभागिता, सकारात्मक कार्यसंस्कृति एवं मानवीय मूल्यों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उत्पादन और सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सतत विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और तकनीकी नवाचार को समान महत्व दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही श्री मिश्रा ने कहा कि सभी कोयला कंपनियों के मुकाबले बीसीसीएल में कार्य सबसे चुनौतीपूर्ण है। बीसीसीएल द्वारा इन सभी चुनौतियों के बीच कोयला उत्पादन सहित विभिन्न नवाचार एवं सकारात्मक प्रयास निरंतर किए जा रहे है, जो प्रशंसनीय है।
विदित हो कि डॉ. प्रेम सागर मिश्रा भारतीय कोयला उद्योग के प्रतिष्ठित खनन विशेषज्ञ, अनुभवी प्रशासक एवं कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं में से एक हैं। लगभग चार दशकों के अपने गौरवपूर्ण व्यावसायिक जीवन में उन्होंने कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न सहायक कंपनियों में तकनीकी, परिचालन, परियोजना प्रबंधन तथा शीर्ष नेतृत्व से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। आईआईटी आईएसएम, धनबाद से माइनिंग इंजीनियरिंग में बी.टेक., डीजीएमएस से प्रथम श्रेणी खान प्रबंधक प्रमाणपत्र तथा पीएच.डी. जैसी उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धियों से समृद्ध श्री मिश्रा ने सीसीएल, बीसीसीएल, ओएमडीसी में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए सीएमडी के रूप में ईसीएल और एसईसीएल का सफल नेतृत्व किया है।
उनके नेतृत्व में उत्पादन, परियोजना प्रबंधन, तकनीकी नवाचार, मानव संसाधन विकास, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गईं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), रायपुर में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस तथा भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), रायपुर में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में भावी अभियंताओं एवं प्रबंधन पेशेवरों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
डॉ. मिश्रा के संबोधन के उपरांत एक प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों के प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें व्यावसायिक उत्कृष्टता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन सत्र में बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने श्री मिश्रा को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक (खनन/एचआरडी) श्री सुधाकर प्रसाद द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन) सुश्री सफूरा रुबाब ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एचआरडी के अधिकारियों एवं कर्मियों का विशेष योगदान रहा।

















