‘मिशन सीआईएल@2026 : रिफ़ॉर्म, ट्रांसफ़ॉर्म, परफ़ॉर्म एंड इन्फ़ॉर्म विषय पर आज कोयला भवन मुख्यालय में एक विशेष सतर्कता संवादात्मक सत्र-सह-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ, सीआईएल) श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने सहभागिता करते हुए सतर्कता, सुशासन, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, संस्थागत ईमानदारी, नैतिक आचरण, कार्यदक्षता, कार्यक्षमता तथा संगठनात्मक उत्कृष्टता जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायी विचार साझा किए। उन्होंने बदलते कार्य परिवेश में सतर्कता को केवल एक नियंत्रण तंत्र न मानकर संगठन की कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया और उपस्थित प्रतिभागियों के बीच इससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं, व्यावहारिक उदाहरणों एवं प्रेरक दृष्टांतों के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा, सीवीओ श्रीमती दीप्ति पटेल, महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री एन. के. ठाकुर, महाप्रबंधक (समन्वय) श्री अरिंदम मुस्तफी, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) श्री धनराज आखरे, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री कुमार मनोज सहित सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, परियोजना पदाधिकारी, कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) सीआईएल, श्री एन. आर. श्रीवास्तव ने भी अपनी सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन तथा मुख्य अतिथि, श्री ब्रजेश त्रिपाठी के स्वागत के साथ की गई। सीएमडी श्री मनोज अग्रवाल ने श्री त्रिपाठी का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया। कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत के पश्चात स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए सीवीओ, बीसीसीएल श्रीमती दीप्ति पटेल ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड उच्च पेशेवर दक्षता, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्यसंस्कृति को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मिशन सीआईएल@2026 के अंतर्गत सतर्कता को संगठन की कार्यप्रणाली का अभिन्न अंग बनाते हुए उत्कृष्ट प्रशासन, सुशासन एवं जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
इसके उपरांत निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह तथा निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा ने भी विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। निदेशकगण ने इस अवसर पर कहा कि पारदर्शी, उत्तरदायी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति किसी भी संस्थान की दीर्घकालिक प्रगति, विश्वसनीयता तथा सतत विकास का आधार होती है। उन्होंने कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता तथा सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने तथा सभी कार्मिकों द्वारा इसे अपने आचरण में ढालने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में सीएमडी, बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बीसीसीएल की हालिया उपलब्धियों, वर्तमान पहलों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल द्वारा कोयला गुणवत्ता में निरंतर सुधार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए वाशरी क्षमता में निरंतर वृद्धि की जा रही है। इस दिशा में कंपनी की 12 क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं को NABL प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो गुणवत्ता नियंत्रण एवं परीक्षण प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने उपभोक्ता संवाद (कंज़्यूमर मीट) के माध्यम से कोयला उठाव में हुई वृद्धि, उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास, गुणवत्ता संबंधी शिकायतों में निरंतर कमी, ऑगर सैंपलिंग के विस्तार हेतु नए क्षेत्रों की पहचान, बाजार विस्तार एवं नीति उदारीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने झरिया मास्टर प्लान (जेएमपी) के तहत विस्थापितों के सफल पुनर्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं समावेशी विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बीसीसीएल उत्पादन, गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि, तकनीकी नवाचार एवं सतत विकास के विभिन्न आयामों पर संतुलित रूप से कार्य करते हुए विभिन्न सीएसआर पहलों, सामाजिक गतिविधियों, परियोजना प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास तथा रोजगार एवं आजीविका के अवसरों की वृद्धि के माध्यम से संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने विशिष्ट संबोधन में सीवीओ, सीआईएल श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सतर्कता का मूल आधार ईमानदारी, पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं कर्तव्यनिष्ठा है। उन्होंने कहा कि प्रभावी सतर्कता व्यवस्था केवल अनियमितताओं की रोकथाम तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह संगठन में विश्वास, जवाबदेही एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति के निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यों में नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की अग्रणी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी के रूप में बीसीसीएल कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में एक विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण स्थान रखती है। कंपनी द्वारा कोयला गुणवत्ता के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जा रहा है, जो उसके सतत प्रयासों एवं उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का प्रमाण है। उन्होंने बीसीसीएल द्वारा कोल बेड मीथेन (CBM) सहित विभिन्न नवाचार आधारित पहलों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, पारदर्शी प्रशासन, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता तथा सतत सुधार की संस्कृति किसी भी संगठन को प्रतिस्पर्धी एवं भविष्य के लिए सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक उत्कृष्टता तभी संभव है जब प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी व्यक्तिगत ईमानदारी, संस्थागत उत्तरदायित्व और टीम भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे। उन्होंने मिशन सीआईएल@2026 के उद्देश्यों को साकार करने में प्रत्येक कर्मी की सक्रिय एवं सकारात्मक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
समापन सत्र में श्री त्रिपाठी ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को सत्यनिष्ठा (‘इंटीग्रिटी प्रॉमिस’) की शपथ दिलाई तथा सभी कार्मिकों को ईमानदारी, निष्पक्षता एवं नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम का समापन महाप्रबंधक (सतर्कता) श्री एन. के. ठाकुर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मंच संचालन वरीय प्रबंधक (सामग्री प्रबंधन/सतर्कता) श्री शादाब अहमद ने किया।




































