अवैध खनन तथा बीसीसीएल खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से कोयला भवन मुख्यालय में आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने की। अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा, डीआईजी (सीआईएसएफ) श्री राजीव मिश्रा, सीआईएसएफ बीसीसीएल यूनिट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित कोयला भवन मुख्यालय के विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष तथा क्षेत्रीय महाप्रबंधक उपस्थित रहे। कंपनी के पांच क्षेत्रों के महाप्रबंधकों ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में अपनी सहभागिता की।
बैठक में डीआईजी सीआईएसएफ एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान सीआईएसएफ बीसीसीएल यूनिट द्वारा संचालित विभिन्न सुरक्षा गतिविधियों, प्रवर्तन अभियानों एवं समन्वित सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से विभिन्न परिचालन एवं संस्थागत पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव एवं निदानात्मक उपाय साझा किए गए। विशेष रूप से खनन से जुड़े विभिन्न अवांछनीय एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर अधिनियम) के अंतर्गत जब्ती की प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण तथा जब्त सामग्रियों के सुरक्षित संरक्षण एवं अभिरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया।
इस क्रम में जब्त सामग्री के सुरक्षित भंडारण हेतु उपयुक्त स्थलों की पहचान, अभिरक्षा में किसी प्रकार की त्रुटि के कारण क्षति, पिलफरेज अथवा कानूनी विवाद की संभावनाओं को समाप्त करने तथा सभी क्षेत्रों में एक समान मानकीकृत प्रक्रिया अपनाने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एमएमडीआर अधिनियम के अंतर्गत जब्ती के समय सुपुर्दगीनामा (कस्टडी मेमो) की प्रक्रिया को सभी क्षेत्रों में एकरूपता के साथ लागू किया जाएगा तथा जब्ती के दौरान प्रबंधन द्वारा विधिवत अभिस्वीकृति सुनिश्चित करते हुए दस्तावेजीकरण को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
बैठक में आउटसोर्सिंग एवं एमडीओ द्वारा संचालित सभी खदानों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से एकीकृत सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिससे सभी संवेदनशील क्षेत्रों की वास्तविक समय में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। इसके अतिरिक्त सभी रेलवे साइडिंग, कोयला खदानों, कोयला डंपों तथा अन्य संवेदनशील एवं खुले क्षेत्रों के चारों ओर बाउंड्री वॉल एवं कंसर्टिना फेंसिंग स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि अवैध प्रवेश, कोयला चोरी एवं पिलफरेज की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। साथ ही, रात्रिकालीन पाली के दौरान सीआईएसएफ की निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, सुरक्षा अभियानों एवं छापेमारी के दौरान समर्पित लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने तथा वाहन ट्रैकिंग प्रणाली के उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
अपने संबोधन में सीएमडी, श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी खनन संचालन सुनिश्चित करना तथा परिसंपत्तियों की प्रभावी सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, कोयला चोरी एवं राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, सुदृढ़ सुरक्षा अवसंरचना, प्रभावी निगरानी प्रणाली तथा सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से बैठक में लिए गए निर्णयों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, बेहतर समन्वय तथा जवाबदेही आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से बीसीसीएल के सभी परिचालन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
बैठक के दौरान 05 जुलाई से 15 जुलाई 2026 की अवधि में संचालित सुरक्षा एवं प्रवर्तन अभियानों की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। सीआईएसएफ द्वारा बताया गया कि 10 दिनों की इस अवधि में कुल 41 कोयला छापेमारी अभियान संचालित किए गए, जिनमें 882.02 टन कोयले की बरामदगी की गई। इसके अतिरिक्त 14 दोपहिया वाहन जब्त किए गए, जबकि एमएमडीआर अधिनियम के अंतर्गत 4 अन्य वाहनों को भी जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान 120 लीटर डीजल तथा स्क्रैप के रूप में 2 लोहे के पाइप भी बरामद किए गए। इसी अवधि में एमएमडीआर अधिनियम के तहत 12 मामले दर्ज किए गए, जबकि 5 मामले वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। साथ ही दिन एवं रात्रि के आकस्मिक निरीक्षण अभियानों के दौरान कुल 742 वाहनों की जांच की गई।
यह भी उल्लेख किया गया कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर अधिनियम) के प्रावधानों को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। इन प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से अवैध खनन एवं कोयला चोरी की रोकथाम में सीआईएसएफ सहित संबंधित एजेंसियों की भूमिका और अधिक सशक्त हुई है। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि भारत सरकार एवं केंद्रीय गृह मंत्रालय अवैध खनन, कोयला चोरी तथा खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा इस दिशा में सभी संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वित कार्रवाई को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
बैठक के अंत में बीसीसीएल प्रबंधन एवं सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने अवैध खनन एवं कोयला चोरी के विरुद्ध समन्वित, तकनीक आधारित एवं सतत कार्रवाई जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया कि सुरक्षा संबंधी विभिन्न उपायों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बीसीसीएल के सभी खनन क्षेत्रों में सुरक्षित, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था को स्थापित करने के साथ राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा तथा कोयला उत्पादन एवं आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध एवं सुचारू रखा जा सके।



































