जमुना कॉलरी में बड़ा भू-धंसाव, 30 से 40 फीट नीचे धंसा मकान
एसईसीएल की भूमिगत खदान के ऊपर जमीन धंसने से रानी प्रजापति का मकान प्रभावित, मौके पर पहुंचे लोगों में दहशत
जमुना-कोतमा। एसईसीएल की जमुना कॉलरी क्षेत्र में गुरुवार को जमीन धंसने की गंभीर घटना सामने आई। कॉलरी के वार्ड क्रमांक 05 निवासी रानी प्रजापति का मकान अचानक हुए भू-धंसाव की चपेट में आ गया। जमीन धंसने के कारण मकान का हिस्सा खदान की दिशा में लगभग 30 से 40 फीट नीचे बैठ गया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है
प्रत्यक्ष मौके पर देखा गया कि मकान के आसपास की जमीन अचानक धंस गई है भू-धंसाव के कारण जमीन का एक बड़ा हिस्सा नीचे की ओर चला गया, जिससे मकान की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमीन का स्तर सामान्य सतह से कई फीट नीचे बैठ गया है
घटना की जानकारी सोनू लोधी द्वारा दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया और घटना की तस्वीर तथा वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं मौके की स्थिति से स्पष्ट है कि भू-धंसाव सामान्य स्तर का नहीं बल्कि गंभीर प्रकृति का है
भूमिगत खनन क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल
जमुना कॉलरी क्षेत्र में भूमिगत खदानों के आसपास बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं ऐसे में रिहायशी क्षेत्र में अचानक जमीन के इस तरह धंसने की घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है
स्थानीय लोगों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन इसी तरह धंसती रही तो आसपास स्थित अन्य मकानों और रिहायशी क्षेत्र पर इसका कितना प्रभाव पड़ सकता है प्रभावित मकान के आसपास रहने वाले लोगों में भी भय देखा जा रहा है
30 से 40 फीट नीचे बैठी जमीन ने बढ़ाई चिंता
घटना की सबसे चिंताजनक बात जमीन का काफी गहराई तक नीचे बैठ जाना है। मौके पर दिखाई दे रही स्थिति के अनुसार प्रभावित हिस्सा लगभग 30 से 40 फीट नीचे खदान की दिशा में धंसा है इससे भूमिगत क्षेत्र में जमीन की स्थिरता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया जाना चाहिए आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ विशेषज्ञों की मदद से पूरे क्षेत्र का परीक्षण कराया जाना जरूरी है
प्रभावित परिवार के सामने बड़ा संकट
अचानक हुए भू-धंसाव से रानी प्रजापति के परिवार के सामने भी संकट खड़ा हो गया है मकान के प्रभावित हिस्से की स्थिति को देखते हुए परिवार की सुरक्षा प्राथमिकता बन गई है स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रभावित परिवार को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा मकान की तकनीकी जांच कराकर यह तय किया जाए कि उसमें रहना सुरक्षित है या नहीं
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि भूमिगत खनन वाले क्षेत्रों में रिहायशी मकानों की सुरक्षा के लिए किस प्रकार की निगरानी व्यवस्था की जा रही है लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को केवल एक मकान तक सीमित मानने के बजाय पूरे प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए
घटना ने खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
जमुना कॉलरी में सामने आया यह भू-धंसाव एसईसीएल के भूमिगत खनन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जमीन के अचानक इतने नीचे बैठने की घटना के बाद अब प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी परीक्षण और आसपास के मकानों की सुरक्षा का आकलन बेहद जरूरी हो गया है
स्थानीय लोगों की मांग है कि घटना के कारणों की जांच के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो और खनन क्षेत्र के आसपास रहने वाले परिवारों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके






































































