जल की प्रत्येक बूंद का संचय जरूरी- मंत्री श्री दिलीप जायसवाल
ग्राम औढेरा में जल गंगा संवर्धन अभियान का जिला स्तरीय समापन समारोह मे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री श्री दिलीप जायसवाल
अनूपपुर 30 जून 2026/ मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हमें जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझना होगा तथा जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाना होगा। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद को बचाकर ही हम धरती को तृप्त रख सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करा सकते हैं। जल संरक्षण से खेतों, कुओं, हैंडपंपों तथा अन्य जल स्रोतों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध रहेगा। मध्य प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम औढेरा में नवीन तालाब स्थल पर आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 के जिला स्तरीय समापन एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उक्ताशय के विचार व्यक्त किए।
राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा चैत्र प्रतिपदा एवं हिंदू नववर्ष के अवसर पर 19 मार्च से प्रारंभ किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान आज 30 जून को एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचा है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जिले के विभिन्न विभागों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन के अनेक कार्य किए हैं। इस दौरान तालाबों का निर्माण, नदी-नालों की सफाई, जल संरचनाओं का पुनर्जीवन तथा जलग्रहण क्षेत्रों का विकास जैसे सराहनीय कार्य संपादित किए गए हैं।
मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि जल संरक्षण का कार्य निरंतर जारी रहना चाहिए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाना चाहिए, जिससे ऐसे प्रयासों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की अपेक्षा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जन आंदोलन का स्वरूप धारण करे। प्रत्येक नागरिक को यह समझना होगा कि जल हमारे जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि पूर्व में नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों में पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध रहता था, किंतु वर्तमान समय में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होने की आवश्यकता है। शासन का दायित्व है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित और जागरूक किया जाए।
श्री जायसवाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर में वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वर्षा का जल भूमि में समाहित होकर भू-जल स्तर को बढ़ाने में सहायक हो सके। उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर में गिरावट का प्रमुख कारण जल का अत्यधिक दोहन तथा जल पुनर्भरण की अपर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि पवित्र नगरी अमरकंटक से निकलने वाली मां नर्मदा देश के विशाल भूभाग को हरित, समृद्ध एवं ऊर्जावान बना रही है। इसलिए प्रत्येक गांव में स्थित नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। मंत्री श्री जायसवाल ने इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के संदेश का वाचन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह ने कहा कि आज हम सभी 19 मार्च से 30 जून तक प्रदेशभर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए हैं। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी नदियां, तालाब तथा बावड़ियां हमारी संस्कृति एवं जीवन का आधार हैं। यह अभियान केवल सरकारी स्तर पर संचालित होने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनसहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से जल संरचनाओं को नया जीवन देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों के सहयोग एवं श्रमदान से ग्राम पंचायत ओढेरा में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई है, जो सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि हमें यह संकल्प लेना होगा कि अभियान के दौरान जिन जल संरचनाओं का पुनर्जीवन किया गया है और जल संरक्षण के महत्व को जिस प्रकार समझा गया है, उसे हम अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे।
श्रीमती प्रीति सिंह ने कहा कि जिले में जल संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यदि हम आज जल संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन आंदोलन और जनभागीदारी का विषय है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्षा की प्रत्येक बूंद का संचयन किया जाना चाहिए। तभी हमारा गांव जल समृद्ध गांव बन सकेगा और भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि वे वर्षा जल संचयन को अपनाएं, मेडबंदी के कार्यों को बढ़ावा दें तथा अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आज इस समापन समारोह के अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि जल संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे तथा अपने गांव और जिले को जल समृद्ध बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने जल संचयन एवं संरक्षण व संवर्धन के संबंध में जनमानस का आव्हान करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियां की जानकारी दी उन्होंने विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन की प्रमुख विशेषताओं एवं जनहित करी प्रावधान के संदर्भ में आमजन को अवगत कराया। कार्यक्रम को जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर तथा श्री बृजेश चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया।
जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण से किया गया कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत के पीआरओ अमित श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों तथा नागरिकों को कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति सिंह उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
ओढेरा के नवीन तालाब परिसर में हुआ पौधारोपण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियो अधिकारी कर्मचारियों पत्रकारों तथा स्थानीय नागरिकों ने ग्राम औढेरा के नवीन तालाब परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति रमेश सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर, ग्राम औढेरा की सरपंच श्रीमती श्याम बाई, स्थानीय जनपद सदस्य आसपास के ग्राम पंचायत के सरपंच, उपसरपंच, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी कर्मचारी तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार आदि उपस्थित रहे।



































