JBCCI-12 के गठन में देरी पर कोल इंडिया कर्मचारियों में उबाल
12 सितंबर के संयुक्त सम्मेलन में होगा निर्णायक आंदोलन का फैसला, 2 या 3 दिन की हड़ताल पर भी मंथन
बिलासपुर, 27 अगस्त 2026। कोल इंडिया में JBCCI-12 के गठन में हो रही देरी को लेकर कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। चारों केंद्रीय श्रमिक फेडरेशन IMWF, HMS, INTUC एवं CITU ने आंदोलन को लेकर निर्णायक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि आगामी 12 सितंबर 2026 को रांची में आयोजित संयुक्त सम्मेलन में मजदूरों की मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है। इसमें 2 दिन अथवा 3 दिन की हड़ताल का प्रस्ताव भी शामिल है।
इस संबंध में चारों केंद्रीय श्रमिक फेडरेशनों के महासचिवों एवं पदाधिकारियों की संयुक्त Zoom बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता IMWF के महासचिव कॉमरेड रमेंद्र कुमार ने की। बैठक में श्रमिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने JBCCI-12 के गठन में देरी सहित मजदूरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
12 सितंबर को रांची में होगा संयुक्त सम्मेलन
बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर 2026 को रांची स्थित CMPDIL हॉल में सुबह 11:30 बजे चारों फेडरेशन का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में प्रत्येक फेडरेशन से कम से कम 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। चारों फेडरेशनों के महासचिव सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
सम्मेलन में कोल इंडिया के कर्मचारियों की मौजूदा परिस्थितियों, लंबित मांगों और JBCCI-12 के गठन में हो रही देरी पर मजदूर प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रतिनिधियों के सुझाव एवं विचारों के आधार पर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
अजय विश्वकर्मा ने दी आंदोलन की चेतावनी
SKMS के महासचिव अजय विश्वकर्मा ने बैठक में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि JBCCI-12 का गठन मजदूरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय है और इसके गठन में लगातार हो रही देरी से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। चारों केंद्रीय श्रमिक फेडरेशन इस मुद्दे पर एकजुट हैं और मजदूरों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अजय विश्वकर्मा ने कहा कि 02 सितंबर को Coal India प्रबंधन के साथ होने वाली Apex JCC की बैठक महत्वपूर्ण होगी। यदि इस बैठक में मजदूर हित में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 12 सितंबर को रांची में होने वाले संयुक्त सम्मेलन में आगे के आंदोलन को लेकर कठोर और निर्णायक फैसला लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर 2 दिन अथवा 3 दिन की हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
02 सितंबर की Apex JCC बैठक पर भी नजर
बैठक में 02 सितंबर 2026 को CIL मुख्यालय, कोल भवन, न्यू टाउन, कोलकाता में होने वाली Apex JCC की बैठक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का एजेंडा “CIL में Labour Codes के क्रियान्वयन की प्रगति एवं आगे की रूपरेखा” निर्धारित किया गया है।
Zoom बैठक में चारों फेडरेशनों के नेताओं ने Labour Codes के क्रियान्वयन को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। श्रमिक संगठनों ने निर्णय लिया कि 02 सितंबर की Apex JCC बैठक में Coal India प्रबंधन के समक्ष अपनी आपत्तियां एवं मजदूरों से संबंधित चिंताएं मजबूती के साथ रखी जाएंगी।
सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज
चारों केंद्रीय श्रमिक फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि यदि 02 सितंबर को Coal India प्रबंधन द्वारा मजदूर हित में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 12 सितंबर के संयुक्त सम्मेलन में ठोस एवं निर्णायक आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।
आंदोलन के स्वरूप में 2 दिन अथवा 3 दिन की हड़ताल का निर्णय भी लिया जा सकता है। इससे आने वाले दिनों में कोयला उद्योग में श्रमिक संगठनों और प्रबंधन के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है।
वरिष्ठ श्रमिक नेताओं की रही सहभागिता
संयुक्त Zoom बैठक में HMS के महासचिव कॉमरेड हरभजन सिंह, INTUC के अध्यक्ष श्रीकुमार मंगलम, महासचिव श्री एस.क्यू. जामा, CITU के महासचिव कॉमरेड डी.डी. रामानंदन, IMWF के अध्यक्ष कॉमरेड अशोक यादव, अतिरिक्त महासचिव कॉमरेड लखन महतो तथा SKMS के महासचिव अजय विश्वकर्मा सहित लगभग 20 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में चारों फेडरेशनों ने मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता कायम रखने तथा आगामी आंदोलन को प्रभावी बनाने पर सहमति जताई। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
अब सभी की नजर 02 सितंबर की Apex JCC बैठक और उसके बाद 12 सितंबर को रांची में होने वाले संयुक्त सम्मेलन पर टिकी है। इन दोनों बैठकों के फैसले यह तय करेंगे कि JBCCI-12 के गठन और अन्य श्रमिक मांगों को लेकर कोल इंडिया में आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।































































