अनूपपुर 27 अक्टूबर 2026/ उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से आगामी फसल की बोनी के लिए एनपीके तथा एसएसपी (सिंगल सुपर फास्फेट) खाद का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले में यूरिया पर्याप्त मात्रा में भंडारित है तथा डीएपी खाद भी लगभग सभी समितियों में उपलब्ध है। डीएपी की आपूर्ति नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इसके उपलब्ध नहीं होने पर किसान विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी एवं यूरिया का उपयोग कर सकते हैं। जिले की सहकारी समितियों, विपणन संघ तथा निजी खाद विक्रेताओं के पास एनपीके एवं एसएसपी खाद उपलब्ध है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि डीएपी खाद से फसल को मुख्य रूप से नाइट्रोजन एवं फास्फोरस तत्व प्राप्त होते हैं। वहीं एनपीके खाद से नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। उन्होंने बताया कि तीन बोरी एसएसपी एवं एक बोरी यूरिया के मिश्रण से लगभग 24 किलोग्राम फास्फोरस, 24 किलोग्राम नाइट्रोजन तथा 16.5 किलोग्राम सल्फर प्राप्त होता है। एसएसपी में उपलब्ध सल्फर सरसों जैसी तिलहनी फसलों के लिए उपयोगी है तथा इससे बीजों में तेल की मात्रा बढ़ाने में सहायता मिलती है।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि खाद का चयन मिट्टी की उर्वरता, फसल की आवश्यकता तथा अनुशंसित पोषक तत्वों की मात्रा के अनुसार करें। डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी एवं यूरिया का उपयोग करने से पोषक तत्वों की पूर्ति के साथ खाद पर होने वाले व्यय में भी बचत हो सकती है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाकर फसल उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयास करना चाहिए।







































































