- थाना प्रभारी विकास सिंह के नेतृत्व में त्वरित कार्रवाई, साइबर सेल की मदद से 4 दिन बाद मिली गुम बालिका
बिजुरी। थाना बिजुरी पुलिस ने गुम नाबालिग बालिका की तलाश के मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए साइबर सेल की मदद से 14 वर्ष 3 माह की नाबालिग बालिका को अंबिकापुर से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। बालिका के मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
पुलिस के अनुसार 1 नवंबर 2026 को बालिका की मां ने थाना बिजुरी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय बेटी घर से कस्बा बिजुरी स्थित टेलर के यहां कपड़े फिट कराने की बात कहकर निकली थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने टेलर के यहां जाकर जानकारी ली, लेकिन बालिका वहां भी नहीं पहुंची थी।
परिजनों द्वारा आसपास, रिश्तेदारों और बालिका की सहेलियों से संपर्क कर तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर बालिका को ले जाने की आशंका जताते हुए थाना बिजुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
थाना प्रभारी विकास सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाबालिग बालिका की तलाश के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया। पुलिस द्वारा विभिन्न संभावित स्थानों पर तलाश के साथ-साथ तकनीकी माध्यमों से भी जानकारी जुटाई गई। साइबर सेल से प्राप्त सहयोग और लगातार किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस को बालिका के अंबिकापुर में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 नवंबर 2026 को अंबिकापुर से नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर लिया। पुलिस की तत्परता से चार दिन के भीतर बालिका को सुरक्षित बरामद करने में सफलता मिली।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह की भूमिका प्रमुख रही। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए लगातार प्रयास किए और तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग कर नाबालिग को दस्तयाब किया।
कार्रवाई में उदय प्रजापति, बसंत कोल, लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, सुनील यादव, आनंद बैस, संगम तोमर तथा साइबर सेल के राजेंद्र अहिरवार का भी योगदान रहा।
बिजुरी पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और गुमशुदगी के मामलों में पुलिस की तत्परता सामने आई है। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गुम एवं अपहृत बालिकाओं की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है





























