सेंसिटिव पोस्ट के तबादले में ‘खेल’ का आरोप, चार ने ज्वाइन किया, एक अब भी पुरानी जगह पर
आमाडांड सब एरिया में विजिलेंस गाइडलाइन के पालन पर उठे सवाल, प्रबंधन से मिलीभगत का आरोप; एसएमएस यूनियन अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला ने जांच की मांग की
जमुना-कोतमा। एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के आमाडांड सब एरिया में सेंसिटिव पोस्ट पर पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि विजिलेंस गाइडलाइन के तहत जारी स्थानांतरण सूची में शामिल कर्मचारियों में से कुछ को नियमों के अनुसार स्थानांतरित किया गया, लेकिन एक कर्मचारी अब भी पूर्व पदस्थापना स्थल पर ही बना हुआ है। इस मामले को लेकर एसएमएस यूनियन जमुना-कोतमा क्षेत्र के अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला ने प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है
विजिलेंस गाइडलाइन के तहत जारी हुई थी स्थानांतरण सूची
श्रीकांत शुक्ला के अनुसार, विजिलेंस की गाइडलाइन के तहत जमुना-कोतमा क्षेत्र में सेंसिटिव पोस्ट पर लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी क्रम में आमाडांड सब एरिया प्रबंधन द्वारा पत्र क्रमांक SECL/जको/एसएएम/AMDOCP/2026/1103 दिनांक 29 जुलाई 2026 के माध्यम से सेंसिटिव पोस्ट पर कार्यरत पांच कर्मचारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए गए थे
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानांतरण सूची में शामिल पांच कर्मचारियों में से चार कर्मचारियों ने आदेश का पालन करते हुए नवीन पदस्थापना पर ज्वाइन कर लिया, लेकिन सूची के सीरियल क्रमांक तीन पर दर्ज कर्मचारी अब तक पूर्व पदस्थापना स्थल पर ही कार्यरत है
एक कर्मचारी के नहीं हटने पर उठे सवाल
श्रीकांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब एक ही स्थानांतरण सूची के चार कर्मचारियों ने आदेश का पालन कर नई जगह ज्वाइन कर लिया, तो पांचवें कर्मचारी को पूर्व पदस्थापना स्थल पर बने रहने की अनुमति किस आधार पर दी गई, यह स्पष्ट होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका था तो उसका पालन सभी संबंधित कर्मचारियों के लिए समान रूप से होना चाहिए। किसी एक कर्मचारी को आदेश से अलग राहत मिलने की स्थिति में पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उक्त कर्मचारी के पूर्व स्थान पर बने रहने के पीछे प्रबंधन स्तर पर मिलीभगत हो सकती है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित प्रबंधन या कर्मचारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
‘चार ने ज्वाइन किया तो पांचवां क्यों नहीं?’
श्रीकांत शुक्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सेंसिटिव पोस्ट के लिए स्थानांतरण सूची विजिलेंस गाइडलाइन के तहत जारी की गई थी, तो उसके पालन में समानता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने प्रबंधन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि स्थानांतरण सूची के क्रमांक तीन में शामिल कर्मचारी को अब तक रिलीव क्यों नहीं किया गया और उसे पूर्व पदस्थापना स्थल पर बने रहने की अनुमति किस आदेश या नियम के तहत दी गई है
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि सेंसिटिव पोस्ट से संबंधित स्थानांतरण व्यवस्था का उद्देश्य ही एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थापना से उत्पन्न होने वाली संभावित अनियमितताओं की आशंका को कम करना होता है
प्रबंधन से कार्रवाई और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
एसएमएस यूनियन अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला ने क्षेत्र के महाप्रबंधक एवं उच्च स्तरीय प्रबंधन से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका है तो उसका पूर्ण रूप से पालन कराया जाए और संबंधित कर्मचारी को आदेशानुसार नवीन पदस्थापना पर भेजा जाए
उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि प्रबंधन किसी कारणवश जारी स्थानांतरण आदेश का पालन नहीं करा पा रहा है तो सभी सेंसिटिव ट्रांसफर सूची को निरस्त करने के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि कर्मचारियों और आमजन के बीच उत्पन्न असंतोष समाप्त हो सके।
जांच से सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर यह स्पष्ट हो सकता है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद कर्मचारी पूर्व पदस्थापना पर किस आधार पर कार्यरत है, उसे रिलीव करने में देरी क्यों हुई और क्या इस संबंध में सक्षम स्तर से कोई अलग आदेश जारी किया गया है
अब इस मामले में क्षेत्रीय एवं उच्च स्तरीय प्रबंधन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह महत्वपूर्ण होगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय करने और स्थानांतरण आदेश के पालन को लेकर स्पष्ट कार्रवाई की आवश्यकता होगी। वहीं, यदि कर्मचारी को पूर्व पदस्थापना पर बने रहने की अनुमति नियमों के तहत दी गई है तो प्रबंधन द्वारा उसका आधार सार्वजनिक किया जाना भी विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है




























