साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट और आपदा प्रबंधन पर हुआ जागरूकता सत्र, थाना कोतवाली एवं पुलिस लाइन का कराया गया शैक्षणिक भ्रमण
अनूपपुर। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल पर आयोजित ‘जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम का 31 अक्टूबर 2026 को शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कानून, जनसुरक्षा और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना तथा पुलिस एवं आमजन के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत बनाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध जागरूकता सत्र में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर अपराध की शिकायत करने की प्रक्रिया समझाई गई। वहीं महिला सुरक्षा एवं पॉक्सो एक्ट से संबंधित सत्र में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
आपदा प्रबंधन सत्र में प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, बचाव के तरीकों और आपातकालीन परिस्थितियों में उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों को संकट के समय धैर्य बनाए रखने और सूझबूझ से कार्य करने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को थाना कोतवाली अनूपपुर एवं पुलिस लाइन अनूपपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया, विभिन्न पुलिस शाखाओं और दैनिक गतिविधियों से परिचित कराया गया। इससे विद्यार्थियों को पुलिस विभाग के कामकाज को नजदीक से समझने का अवसर मिला।
‘जन सुरक्षा–युवा सृजन’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ। इसके माध्यम से युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और सामाजिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि युवा केवल सुरक्षा की अपेक्षा करने वाले नहीं, बल्कि सुरक्षित समाज के निर्माण में पुलिस के सक्रिय सहयोगी भी बन सकते हैं







































































