- कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य जांच शुरू , उपचार और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की दिशा में पहल
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में होटल सर्वोदय के सामने मुख्य मार्ग किनारे पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में जीवन बिताने को मजबूर एक विक्षिप्त महिला की मदद के लिए प्रशासन ने पहल की है । महिला की दयनीय स्थिति को देखते हुए उसके स्वास्थ्य परीक्षण , उचित उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल आशीष पांडेय ने अमरकंटक भ्रमण के दौरान महिला को लंबे समय से एक ही स्थान पर अत्यंत दयनीय हालत में रहते देखा । उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनूपपुर कलेक्टर श्री रत्नाकर झा को पत्र लिखकर महिला को अस्पताल , वृद्धाश्रम अथवा आवश्यकता के अनुरूप किसी उपयुक्त देखभाल केंद्र में पहुंचाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया ।
मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर के निर्देशन में महिला की वास्तविक स्थिति का आकलन कर उसके स्वास्थ्य और जरूरतों के अनुसार उपचार एवं पुनर्वास की व्यवस्था करने की पहल की जा रही है ।
स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लिया गया रक्त नमूना
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक की टीम ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा है । इस दौरान डॉ. नरेंद्र मरकाम , डॉ. आरती चंद्रवंशी , लैब टेक्नीशियन श्रीमती विनीता राजोरिया , वार्ड बॉय भगत सिंह और एंबुलेंस चालक चेतन सिंह उपस्थित रहे । स्थानीय गणमान्य नागरिक शेषनारायण चंद्रवंशी सहित नगर परिषद के कर्मचारी परमार जी भी मौके पर मौजूद रहे ।
डॉ. रानू सारीवान ने बताया कि रक्त जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा । उचित देखभाल की व्यवस्था का आश्वासन
नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) चैन सिंह परस्ते ने बताया कि महिला की देखभाल और उसकी स्थिति के अनुरूप उचित व्यवस्था कराने के प्रयास किए जाएंगे ।
वर्षों से अभाव और उपेक्षा के बीच जीवन बिताने को मजबूर महिला को उपचार , सुरक्षित आश्रय और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी मानवीय जिम्मेदारी है । अब जरूरत इस बात की है कि स्वास्थ्य जांच के बाद महिला के लिए स्थायी देखभाल और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।






































































