- शतचंडी महायज्ञ , नर्मदा पुराण कथा एवं विराट संत सम्मेलन की तैयारियां शुरू , केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को दिया आमंत्रण
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के संत स्वामी नर्मदानंद जी महाराज की अध्यक्षता में खंडवा जिले के छैगांव में शतचंडी महायज्ञ , नर्मदा पुराण कथा एवं विराट संत सम्मेलन का भव्य आयोजन होने जा रहा है । इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता एवं संतों का सानिध्य प्राप्त करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी को आमंत्रण पत्र भेंट कर कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया गया ।
आयोजन के संबंध में संतों एवं प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम की रूपरेखा एवं धार्मिक महत्व से अवगत कराया ।
स्वामी नर्मदानंद जी महाराज ने बताया कि आयोजन के अंतर्गत शतचंडी महायज्ञ और वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथावाचक बालकृष्ण शास्त्री जी महाराज के श्रीमुख से नर्मदा पुराण कथा का रसपान कराया जाएगा एवं विराट संत सम्मेलन के माध्यम से सनातन धर्म , आध्यात्मिक चेतना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश प्रसारित किया जाएगा ।
- नर्मदा परिक्रमा मार्गों की समस्याओं का मुद्दा भी उठा
मुलाकात के दौरान संतों ने मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं एवं परिक्रमावासियों को यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित कराया । विशेष रूप से नर्मदा परिक्रमा मार्गों की जर्जर सड़कों एवं आवागमन संबंधी समस्याओं को उठाते हुए इनके स्थायी निराकरण की मांग रखी गई । इस पर केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने सड़क संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया । साथ ही उन्होंने अमरकंटक आने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे अमरकंटक भी जरूर आएंगे ।
इस अवसर पर स्वामी नर्मदानंद जी महाराज के साथ ब्रह्मचारी शांतिस्वरूप महाराज , स्वामी सत्यानंद जी महाराज , बंसल जी , शुभम जैन , सामाजिक कार्यकर्ता ज्ञानेश्वर गुरव , अजय किरानापुरे गुरुजी , राम मांडवगड़े , सुरेश खेड़कर , गणेश सिंगर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे ।
संतों ने कहा कि शतचंडी महायज्ञ , नर्मदा पुराण कथा एवं विराट संत सम्मेलन जैसे धार्मिक आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं । ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म , संस्कार , सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है । आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है ।






































































