- सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने की आरोपियों की पहचान, गिरफ्तार कर जेल भेजा
शहडोल( दीपक द्विवेदी )जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में तहसील परिसर में खड़ी तहसीलदार की बोलेरो गाड़ी के कांच पत्थर मारकर तोड़ने के मामले में बुढ़ार पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी कपिल कुमार तिवारी, पिता स्वर्गीय गजेन्द्र प्रसाद तिवारी, उम्र 37 वर्ष, निवासी ग्राम धमनीकला, थाना खैरहा, जिला शहडोल ने 26 अक्टूबर 2026 को थाना बुढ़ार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि तहसील बुढ़ार में रात्रि के समय सुरक्षा व्यवस्था में उनकी ड्यूटी लगी थी। तहसीलदार की सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी क्रमांक MP13ZB 6445 परिसर में बने शेड के नीचे खड़ी थी, जो रात करीब 11 बजे तक सही सलामत थी।
27 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे बाहर निकलकर देखने पर बोलेरो का सामने का कांच टूटा हुआ मिला। गाड़ी के बाएं तरफ बीच का कांच भी क्षतिग्रस्त था और मौके पर पत्थर बिखरे हुए थे। अज्ञात व्यक्ति द्वारा रात 11 बजे से सुबह 7 बजे के बीच पत्थर मारकर गाड़ी के कांच तोड़े जाने से लगभग 18 हजार रुपये की क्षति हुई।
सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान
फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 296(ए) एवं 351(3) भी बढ़ाई गईं। आरोपियों की तलाश के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक खेम सिंह पेंद्रो ने पुलिस टीम गठित की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। जांच के दौरान अजय उर्फ छोटू पाण्डेय, पिता राजू पाण्डेय, निवासी आदर्श कॉलोनी बुढ़ार तथा शिवनारायण उर्फ गणेश कोल, पिता राजन कोल, निवासी ग्राम झगरहा की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को दस्तयाब कर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी बुढ़ार निरीक्षक खेम सिंह पेंद्रो, उपनिरीक्षक रजनीश तिवारी, प्रधान आरक्षक 702 सतीष चौरसिया, प्रधान आरक्षक शरद प्रजापति तथा आरक्षक प्रदीप धुरैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







































































