- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन, बालिकाओं के प्रदर्शन ने खींचा ध्यान
मनेन्द्रगढ़/लेदरी। ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से लेदरी में आयोजित दो दिवसीय सरगुजा ओलंपिक का समापन खेल उत्साह और प्रतिस्पर्धा के माहौल में हुआ। प्रतियोगिता में 12 टीमों के 569 खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल और जिला कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े उपस्थित रहीं।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। दौड़, रस्साकशी, भाला फेंक सहित एकल और समूह स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता का परिचय दिया। मैदान में जीत के लिये खिलाड़ियों का संघर्ष, टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा और दर्शकों का उत्साह आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
प्रतियोगिता में बालिकाओं ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबलों में जीत हासिल की। विशेष रूप से रस्साकशी में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

बस्तर ओलंपिक के बाद सरगुजा में खेलों को प्रोत्साहन
समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की गई है। सरगुजा संभाग में खेल प्रतिभाओं की भरमार है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को उचित मंच, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराये जायें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी सरगुजा संभाग से आते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के अवसर देने की दिशा में सरगुजा ओलंपिक महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक युवा बेहतर संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में अपनी प्रतिभा को बड़े मंच तक नहीं पहुंचा पाते। इस तरह की प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती तक सीमित नहीं हैं बल्कि इनसे अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत, आपसी सहयोग और टीम भावना का भी विकास होता है। खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उन्हें जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिये तैयार करती हैं।
बालिकाओं ने भी दिखाया खेल कौशल
सरगुजा ओलंपिक में बालिकाओं की भागीदारी और उनके प्रदर्शन ने आयोजन को खास बनाया। विभिन्न मुकाबलों में उन्होंने अपनी क्षमता और सामूहिक तालमेल का परिचय देते हुए जीत दर्ज की। रस्साकशी जैसी स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं।
विजेताओं को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर किया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन पर विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रमाण पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान मिलने से खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर उन्हें भविष्य में भी नियमित अभ्यास करने और खेल के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिये प्रेरित किया गया।
लेदरी में आयोजित इस प्रतियोगिता ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि और स्थानीय प्रतिभाओं की क्षमता को सामने लाने का अवसर दिया। 12 टीमों के 569 खिलाड़ियों की भागीदारी और बालिकाओं के शानदार प्रदर्शन के साथ सरगुजा ओलंपिक का समापन हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि उचित मंच, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर ग्रामीण अंचलों के खिलाड़ी भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।







































































