- कोरिया पुलिस ने मध्यप्रदेश में दी दबिश, चिरमिरी समिति को 7.80 लाख रुपये की 600 बोरी अमानक खाद भेजने का आरोप
बैकुंठपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था में लापरवाही और अमानक उर्वरक की आपूर्ति से जुड़े मामले में कोरिया पुलिस ने कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के रीवा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीष त्रिपाठी उम्र 44 वर्ष के रूप में हुई है। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला खरीफ सीजन 2025 के दौरान उर्वरक की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों से जुड़ा है। कलेक्टर कोरिया द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट और उप संचालक (कृषि) बैकुंठपुर के आदेश के आधार पर मामले की जांच की गई थी। जांच में छिंदडांड़ स्थित शासकीय गोदाम से चिरमिरी समिति को भेजी गई 600 बोरी खाद अमानक स्तर की पाई गई। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम था। इस तरह कुल 30 हजार किलोग्राम खाद की कीमत 7 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।
जांच के दौरान मध्य भारत एग्रो प्रोडक्ट्स लिमिटेड यूनिट-2 ओसवाल ग्रुप सागर के प्रतिनिधि एवं सेल्स मैनेजर मनीष त्रिपाठी की भूमिका सामने आई। इसके बाद थाना बैकुंठपुर में अपराध क्रमांक 401/2025 के तहत आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7(1)(क)(ii) तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विशेष टीम ने रीवा में दी दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरिया पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह और एसडीओपी मोहसिन खान के मार्गदर्शन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। थाना बैकुंठपुर के निरीक्षक दिनेश कुमार चंद्रा और निरीक्षक अमोल खलखो के नेतृत्व में टीम को आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज थाना क्षेत्र में भेजा गया।
टीम में उपनिरीक्षक लवांग सिंह और आरक्षक रोशन इक्का शामिल थे। स्थानीय मऊगंज पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश की गई। तकनीकी जानकारी और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष त्रिपाठी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तार आरोपी मनीष त्रिपाठी पिता स्वर्गीय हरेश राम त्रिपाठी मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मनगवां वार्ड क्रमांक 5 बस स्टैंड के पास का निवासी बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कोरिया पुलिस की इस कार्यवाही से अमानक खाद की आपूर्ति से जुड़े मामले की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पुलिस मामले में दर्ज तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्यवाही कर रही है।







































































