माटी से गढ़े गए गणेश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
अनूपपुर विकासखंड में सेक्टर स्तरीय माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न, प्राकृतिक मिट्टी से प्रतिमा निर्माण का दिया प्रशिक्षण
जमुना कोतमा मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला अनूपपुर के तत्वावधान में 12 सितंबर 2026 को विकासखंड अनूपपुर के सेक्टर क्रमांक-04 अंतर्गत ग्राम पंचायत बरतराई में नगर विकास प्रस्फुटन समिति पसान द्वारा माटी गणेश–सिद्ध गणेश अभियान के अंतर्गत सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में प्राकृतिक मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में प्रशिक्षक एवं परामर्शदाता शिवानी सिंह ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा बनाने की पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर गणेश प्रतिमा तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर भी प्रकाश डाला।
पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान
प्रशिक्षक शिवानी सिंह ने कहा कि गणेशोत्सव हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ मनाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। प्राकृतिक मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं का उपयोग करने से जल स्रोतों में होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आगामी गणेशोत्सव में मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं को अपनाने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया और स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। इससे प्रतिभागियों में रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हुई।
जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में नवांकुर संस्था पसान के प्रतिनिधि, परामर्शदाता, सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं तथा नगर विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य आमजन को प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण के कार्य में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता का संकल्प लिया। साथ ही छात्र-छात्राओं एवं अन्य उपस्थित लोगों को मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करने तथा गणेशोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने के लिए प्रेरित किया गया।
संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि गणेशोत्सव के दौरान प्राकृतिक मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग किया जाए तो धार्मिक परंपराओं को निभाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में नगर विकास प्रस्फुटन समिति पसान के अध्यक्ष विजय जायसवाल, परामर्शदाता शिवानी सिंह एवं कृष्णा देवी, प्रस्फुटन समिति के सदस्य तथा सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और पर्यावरण हितैषी गणेशोत्सव के लिए लोगों को जागरूक करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।



































































