बीसीसीएल में तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान का आगाज

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बीसीसीएल में तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान का आगाज

सत्यनिष्ठा से समृद्धि की ओर बढ़ने का संकल्प, विभिन्न क्षेत्रों एवं वॉशरी डिवीजन में अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ

धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तीन माह के सतर्कता जागरूकता त्रैमासिक अभियान-2026 का सोमवार को कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों एवं वॉशरी डिवीजन में औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य संगठन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक कार्यसंस्कृति को मजबूत करने के साथ भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की रोकथाम के लिए प्रभावी निवारक व्यवस्था विकसित करना है।

अभियान को आगामी सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 की पूर्व तैयारी के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इस वर्ष सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ (Probity for Prosperity) निर्धारित की गई है।

विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली सत्यनिष्ठा की शपथ

अभियान के शुभारंभ अवसर पर बीसीसीएल के पश्चिमी झरिया, ब्लॉक-II, पूर्वी झरिया, लोदना, पीबी, कतरास, कुसुंडा, सिजुआ, बस्ताकोला, सीवी क्षेत्र तथा वॉशरी डिवीजन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ ली।

इसके साथ ही शपथ-पत्र एवं हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों ने ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। संबंधित क्षेत्रों के महाप्रबंधकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रमों में कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, सतर्कता और निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप करने का आह्वान किया गया।

भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति के लिए सामूहिक जिम्मेदारी

कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार-मुक्त एवं पारदर्शी कार्य संस्कृति का निर्माण केवल किसी एक विभाग या अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि संगठन के प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सतर्कता को दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाकर ही संगठन में दीर्घकालिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है।

अधिकारियों ने कहा कि दैनिक कार्यों में नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन, निर्णय लेने में निष्पक्षता, कार्यों के प्रति जवाबदेही और संभावित अनियमितताओं के प्रति सजगता प्रभावी निवारक सतर्कता की आधारशिला हैं। प्रत्येक कर्मचारी यदि अपने कार्यक्षेत्र में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता देता है तो संगठन में भ्रष्टाचार की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

लंबित शिकायतों और मामलों के निस्तारण पर रहेगा जोर

तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा निर्धारित प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें लंबित शिकायतों एवं मामलों का निस्तारण, क्षमता निर्माण, डिजिटल पहल, अनुबंध प्रबंधन तथा अन्य निवारक सतर्कता गतिविधियां प्रमुख रूप से शामिल हैं।

अभियान के तहत लंबित मामलों की समीक्षा एवं उनके समयबद्ध निस्तारण की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही कार्यप्रणाली में ऐसी कमियों और संभावित जोखिमों की पहचान करने पर जोर रहेगा, जिनके कारण भविष्य में अनियमितताओं की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

डिजिटल पहल और अनुबंध प्रबंधन पर भी फोकस

सतर्कता अभियान के दौरान डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग, प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने तथा अनुबंध प्रबंधन में निर्धारित नियमों के प्रभावी अनुपालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।

अनुबंधों से जुड़े कार्यों में नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

प्रशिक्षण और संवाद के माध्यम से बढ़ेगी जागरूकता

अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं, एसओपी, निवारक सतर्कता के उपायों तथा कार्यप्रणाली में सुधार से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा संवाद सत्रों के माध्यम से कर्मचारियों से सुझाव लिए जाएंगे तथा ऐसी व्यवस्थागत कमियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा, जिनमें सुधार करके संगठन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा सकता है।

व्यवस्थागत सुधार के सुझावों को मिलेगा प्रोत्साहन

अभियान के दौरान केवल जागरूकता तक सीमित रहने के बजाय कार्यप्रणाली में प्रणालीगत सुधार को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े ऐसे सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनसे प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार की संभावनाओं से मुक्त बनाया जा सके।

बीसीसीएल प्रबंधन का उद्देश्य है कि निवारक सतर्कता को केवल अभियान की अवधि तक सीमित न रखते हुए इसे संगठन की नियमित कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया जाए।

सत्यनिष्ठा और शून्य-सहिष्णुता की सामूहिक प्रतिबद्धता

बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं इकाइयों में अभियान का शुभारंभ सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य-सहिष्णुता की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ। तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सतर्कता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ संगठन में स्वच्छ, नैतिक और पारदर्शी कार्य संस्कृति को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान के दौरान होने वाली विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को यह संदेश दिया जाएगा कि संगठन की प्रगति और विश्वसनीयता के लिए उत्पादन एवं कार्य निष्पादन के साथ-साथ ईमानदार, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बीसीसीएल में निवारक सतर्कता को मजबूत करने की दिशा में यह तीन माह का अभियान संगठनात्मक सुशासन और स्वच्छ कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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