हीरो होंडा की टंकी से ज्यादा पेट्रोल! विनायक फिलिंग स्टेशन पर 14.62 लीटर भरने का आरोप, उपभोक्ता ने की जांच की मांग

अनूपपुर। धरहर कला-अमरकंटक रोड स्थित विनायक फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाने पहुंचे एक उपभोक्ता ने अपनी हीरो होंडा मोटरसाइकिल की टंकी की निर्धारित क्षमता से अधिक पेट्रोल दर्ज किए जाने और उसके एवज में राशि वसूलने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उपभोक्ता ने संबंधित ऑयल कंपनी के अधिकारियों से शिकायत कर पेट्रोल पंप के मीटर एवं पेट्रोल की मात्रा की निष्पक्ष जांच कराने तथा शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
जमुना कॉलोनी निवासी आशुतोष मनोज मिश्रा ने शिकायत में बताया कि 7 अगस्त 2026 को वह अमरकंटक यूनिवर्सिटी से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने धरहर कला-अमरकंटक रोड स्थित विनायक फिलिंग स्टेशन पर अपनी हीरो होंडा मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 JP 7193 में पेट्रोल भरवाया।
14.62 लीटर पेट्रोल भरने का दावा
उपभोक्ता के अनुसार, पेट्रोल पंप पर नोजलमैन द्वारा उनकी मोटरसाइकिल में 14.62 लीटर पेट्रोल भरा जाना दर्शाया गया। इसके बदले उनसे करीब 1700 रुपये की राशि ली गई तथा भुगतान की रसीद भी दी गई। पेट्रोल भरवाने के बाद जब उन्होंने दर्ज की गई मात्रा पर ध्यान दिया तो उन्हें यह असामान्य लगा।
आशुतोष मिश्रा का कहना है कि उनकी मोटरसाइकिल की पेट्रोल टंकी की क्षमता कंपनी के निर्धारित मापदंड के अनुसार करीब 11 लीटर है। उनका दावा है कि पेट्रोल भरवाने से पहले मोटरसाइकिल की टंकी में करीब 2 लीटर पेट्रोल पहले से मौजूद था। इसके बावजूद पंप के रिकॉर्ड में 14.62 लीटर पेट्रोल भरना दर्शाया गया।
टंकी की क्षमता से अधिक पेट्रोल कैसे भरा, उठे सवाल
उपभोक्ता ने सवाल उठाया है कि जब मोटरसाइकिल की टंकी की क्षमता करीब 11 लीटर है और उसमें पहले से भी पेट्रोल मौजूद था, तो उसमें 14.62 लीटर पेट्रोल किस प्रकार भरा गया। इसी बिंदु को लेकर उन्होंने पेट्रोल पंप की मशीन, मीटर की कार्यप्रणाली और नोजल से निकलने वाली पेट्रोल की वास्तविक मात्रा की जांच कराने की मांग की है।
ऑयल कंपनी से शिकायत, जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
उपभोक्ता ने पूरे मामले की शिकायत संबंधित ऑयल कंपनी के अधिकारियों से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पेट्रोल पंप के मीटर की जांच, मशीन की रीडिंग तथा उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 14.62 लीटर पेट्रोल दर्ज होने के पीछे तकनीकी त्रुटि, मीटर की गड़बड़ी, रीडिंग में किसी प्रकार की समस्या अथवा कोई अन्य कारण था। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
उपभोक्ता ने मांग की है कि संबंधित विभाग एवं ऑयल कंपनी मामले की गंभीरता से जांच कर वास्तविकता सामने लाएं। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो पेट्रोल पंप संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।





























































