ईमानदार छवि को धूमिल करने की साजिश? सोशल मीडिया के आरोपों की पड़ताल में कई वाहन मालिकों ने किया भुगतान मिलने का दावा

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ईमानदार छवि को धूमिल करने की साजिश? सोशल मीडिया के आरोपों की पड़ताल में कई वाहन मालिकों ने किया भुगतान मिलने का दावा

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आए अलग-अलग पक्ष, वीडियो बयान भी बताए जा रहे उपलब्ध

अनूपपुर/पसान। पूर्व मंडल अध्यक्ष पसान एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि मनोज सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर वीर प्रताप राठौर द्वारा आरोप लगाया गया कि उनकी गाड़ी मनोज सिंह के माध्यम से अदाणी समूह के कार्य में लगाई गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। आरोप सामने आने के बाद मामले की वास्तविकता जानने के लिए हमारे प्रतिनिधि ने संबंधित वाहन मालिकों एवं पक्षकारों से बातचीत कर तथ्यों की पड़ताल की

जांच के दौरान प्रतिनिधि सबसे पहले केशव प्रसाद राठौर (अनूपपुर) के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी तीन गाड़ियां संबंधित कार्य में लगी थीं और उन्हें किसी प्रकार की भुगतान संबंधी समस्या नहीं हुई। उनका कहना था कि उन्हें पूरा भुगतान समय पर प्राप्त हो चुका है

इसके बाद प्रतिनिधि ने दिग्विजय सिंह राठौर (बेकटनगर) से बातचीत की। उन्होंने भी बताया कि उनकी गाड़ी कार्य में लगी थी तथा विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मनोज सिंह द्वारा पूरा भुगतान कर दिया गया। उन्होंने किसी भी प्रकार की बकाया राशि होने से इनकार किया।

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान प्रतिनिधि राजेंद्रग्राम स्थित बसंत जी महाराज के पास भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी चार गाड़ियां कार्य में लगी थीं और उनका पूरा भुगतान हो चुका है। उनका कहना था कि मनोज सिंह द्वारा दिया गया चेक तक उन्होंने अभी तक प्राप्त नहीं किया है, क्योंकि उसकी आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि मनोज सिंह के माध्यम से कार्य मिलता है तो वे अपनी गाड़ियां पुनः लगाने के लिए तैयार रहेंगे।

बताया गया कि संबंधित वाहनों का लगभग 32 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिन वाहन मालिकों से बातचीत की गई, उनमें से किसी ने भी एक रुपये का भुगतान शेष होने की बात नहीं कही।

मामले में केशव प्रसाद राठौर ने यह भी बताया कि उनके माध्यम से वीर प्रताप राठौर की एक गाड़ी कार्य के लिए भेजी गई थी, लेकिन वह गाड़ी कार्य में चली ही नहीं। उनके अनुसार जब वाहन ने कार्य ही नहीं किया तो भुगतान का प्रश्न भी नहीं उठता। उन्होंने कहा कि यदि कोई आपत्ति होती तो सबसे पहले उन्हें बतानी चाहिए थी, क्योंकि वाहन उनके माध्यम से भेजा गया था। उन्होंने बिना तथ्यात्मक आधार के सोशल मीडिया पर आरोप लगाने को अनुचित बताया।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप मनोज सिंह की सार्वजनिक एवं सामाजिक छवि को प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। वहीं, जिन लोगों से हमारे प्रतिनिधि ने बातचीत की, उन्होंने भुगतान प्राप्त होने की पुष्टि की। बताया गया कि इन सभी के वीडियो बयान भी उपलब्ध हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर मनोज सिंह ने कहा कि हाल के समय में उनके बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से कुछ विरोधी असहज हैं और इसी कारण उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ समय तक वह सक्रिय राजनीति से दूर रहे थे, लेकिन अब पुनः सक्रिय राजनीति में भाग लेने का निर्णय लिया है। मनोज सिंह ने कहा कि वह जनता के बीच पहले की तरह सक्रिय रहेंगे तथा यदि किसी के पास कोई वास्तविक शिकायत है तो उसका समाधान तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

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