आईसीएसएसआर प्रायोजित 10 दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम का समापन, शोध में एआई और आधुनिक तकनीकों पर मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
देशभर के शोधार्थियों ने लिया हिस्सा, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध नैतिकता पर दिया गया विशेष जोर

अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू), अमरकंटक के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के प्रायोजन में आयोजित 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स (Research Methodology Course) का शनिवार को सफल समापन हो गया। दस दिनों तक चले इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक शोध पद्धतियों, अनुसंधान नैतिकता, सांख्यिकीय विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के शोध में उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए केवल विषय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान नैतिकता और आधुनिक शोध तकनीकों की समझ भी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग समाजोपयोगी एवं उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान में करें।
उन्होंने कहा कि शोध का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना होना चाहिए। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शोधार्थियों को नई सोच, बेहतर शोध कौशल और वैश्विक स्तर की अनुसंधान पद्धतियों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
10 दिनों तक आधुनिक शोध तकनीकों का मिला प्रशिक्षण
दस दिवसीय पाठ्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को शोध समस्या का चयन, साहित्य समीक्षा, शोध अभिकल्प (रिसर्च डिज़ाइन), गुणात्मक एवं मात्रात्मक अनुसंधान, सांख्यिकीय विश्लेषण, शोध नैतिकता, अकादमिक लेखन, शोध प्रकाशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का शोध में उपयोग तथा शोध पत्र लेखन सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को फील्ड विजिट भी कराई गई, जिससे उन्हें शोध के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला।
देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम के कोर्स डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार पांडे तथा को-डायरेक्टर प्रो. ललित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस पाठ्यक्रम में देश के अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों ने संसाधन व्यक्ति (रिसोर्स पर्सन) के रूप में सहभागिता की। इनमें प्रो. अरविंद मलिक, प्रो. संजय शर्मा, प्रो. आलोक श्रोत्रिय, प्रो. अभिमन्यु सिंह, प्रो. निशांत सिंह देवल, प्रो. एस.के. बराल, प्रो. एस.आर. पाढ़ी, डॉ. मोरध्वज सिंह, प्रो. जी.पी. सिंह, डॉ. एम.एस. दापोला, प्रो. मनविंदर सिंह पहावा, डॉ. एन. श्रीनु तथा प्रो. भास्कर मुखर्जी सहित कई विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषयों पर व्याख्यान दिए।
मुजफ्फरपुर के कुलपति ने किया था शुभारंभ
इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.सी. राय ने किया था। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उत्कृष्ट सहभागिता के लिए सम्मानित भी किया गया।
प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस पाठ्यक्रम से उनके शोध कौशल, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा अकादमिक लेखन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शोधार्थी रहे उपस्थित
समापन समारोह में शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. ज्ञानेंद्र कुमार रावत ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि कोर्स डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार पांडे ने दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत प्रतिवेदन रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में प्रो. राघवेंद्र मिश्रा, प्रो. शिव कुमार मिश्रा, प्रो. सुरजीत सिंह, प्रो. जीतेंद्र सिंह, डॉ. त्रयंबक नाथ पांडे, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. हरे राम पांडे, डॉ. राकेश प्रसाद, डॉ. दिलीप, डॉ. आलोक, रत्नेश श्रीवास्तव, डॉ. राम जी मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री आर्यम दत्ता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सुश्री प्रज्ञा सिंह ने प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने अपने फीडबैक में शारीरिक शिक्षा विभाग के शोधार्थी शिवाकांत मिश्रा, गौरव राजपूत, सुनील तथा विभाग के विद्यार्थियों अंगद, मनीष, निशा रानी महतो, शिक्षा सिंह एवं भूमिका के सहयोग की विशेष सराहना की। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
















