सावन के प्रथम दिवस सात कोठड़ी महादेव धाम को मिली नई पहचान, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगे दो विशाल साइन बोर्ड
कोयलांचल समाचार के लिए धार से रिपोर्टर शैलेंद्र जोशी

मांडव/धार। सावन माह के प्रथम दिवस ऐतिहासिक नगरी मांडव स्थित पांडवकालीन प्राचीन सिद्ध शिवधाम सात कोठड़ी महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सात कोठड़ी महादेव मित्र मंडल, धार द्वारा मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दो विशाल दिशा-सूचक साइन बोर्ड स्थापित किए गए। एक बोर्ड मुख्य मार्ग पर तथा दूसरा मंदिर परिसर के समीप लगाया गया, जिससे अब दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को इस प्राचीन शिवधाम तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सावन के पावन अवसर पर किए गए इस कार्य का स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं एवं शिवभक्तों ने स्वागत करते हुए इसे मंदिर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मित्र मंडल का मानना है कि स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगने से अब अधिक से अधिक श्रद्धालु इस सिद्ध धाम तक पहुंच सकेंगे और क्षेत्र का धार्मिक पर्यटन भी बढ़ेगा।
लोकमान्यताओं के अनुसार सात कोठड़ी महादेव मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस स्थान पर भगवान शिव की आराधना कर शिवलिंग की स्थापना की थी। यही कारण है कि यह मंदिर आज भी शिवभक्तों की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर गर्भगृह से वर्षभर प्राकृतिक जलधारा निरंतर प्रवाहित होती रहती है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव का दिव्य एवं अखंड जलाभिषेक मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना और मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है, इसलिए यह धाम क्षेत्र में सिद्ध एवं चमत्कारी शिवधाम के रूप में प्रसिद्ध है।
मित्र मंडल के सदस्य राजीव जोशी, श्रीजीत तोमर, बंटी डोड, त्रिलोक डोडिया, एडवोकेट मनोज सिंह सिसोदिया, श्याम बाबा एवं भूपेंद्र चौहान पिछले चार वर्षों से इस मंदिर से जुड़े हुए हैं। सावन सहित विभिन्न अवसरों पर वे यहां सेवा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व मंदिर की पहचान बढ़ाने, श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मंदिर तक पहुंच मार्ग सहित अन्य विकास कार्य कराने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प की पहली कड़ी के रूप में इन दिशा-सूचक साइन बोर्डों की स्थापना की गई।
मित्र मंडल के सदस्य श्रीजीत तोमर ने बताया कि सात कोठड़ी महादेव मंदिर प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित अत्यंत प्राचीन एवं सिद्ध शिवधाम है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जब से वे इस धाम से जुड़े हैं, उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और उन्हें विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।
साइन बोर्ड लगाए जाने के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी उत्साह का माहौल देखा गया। स्थानीय ग्रामीण जितेंद्र वास्केल और जितेंद्र भाभर ने इस पहल की सराहना करते हुए बोर्डों के संरक्षण एवं देखरेख की जिम्मेदारी भी स्वीकार की। साथ ही उन्होंने मंदिर तक जाने वाले मार्ग का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराने की मांग भी उठाई।
मित्र मंडल के सदस्य राजीव जोशी ने बताया कि मंदिर पहुंच मार्ग के निर्माण एवं विकास के संबंध में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर से चर्चा की गई है। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराने का सकारात्मक आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मित्र मंडल का उद्देश्य केवल साइन बोर्ड लगाना नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक धरोहर को प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के श्रद्धालुओं तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पावन शिवधाम के दर्शन कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

















