‘चुनौतियों से सीखें, नेतृत्व की ओर बढ़ें’: ईसीएल के ‘अंकुरण 2.0’ में नव नियुक्त अधिकारियों को सीएमडी सतीश झा का प्रेरक संदेश
कोल इंडिया की गौरवशाली विरासत से जुड़ने पर दी बधाई, नवाचार, सत्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का किया आह्वान
आसनसोल। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने कंपनी में नव नियुक्त अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने, निरंतर सीखने और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईसीएल में कार्य करना देश के सबसे विविध और चुनौतीपूर्ण खनन परिवेश में अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर है, जो युवा अधिकारियों को भविष्य का सक्षम नेतृत्व प्रदान करेगा।
यह विचार उन्होंने ईसीएल द्वारा नव नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं एवं विभागीय पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों के लिए आयोजित विशेष अभिमुखीकरण कार्यक्रम ‘अंकुरण 2.0’ के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।
सतीश झा ने कहा कि कोल इंडिया के साथ युवाओं की पेशेवर यात्रा ऐसे संगठन से शुरू हो रही है, जिसकी देश के कोयला उद्योग में गौरवशाली पहचान है। उन्होंने बताया कि ईसीएल देश की सबसे पुरानी और सबसे गहरी भूमिगत कोयला खदानों का संचालन करता है तथा उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के उत्पादन के लिए जाना जाता है। यहां कार्य करते हुए अधिकारियों को परिचालन, तकनीकी और प्रबंधकीय स्तर पर अनेक चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलेगा, जो उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से सत्यनिष्ठा, अनुशासन, पारदर्शिता और व्यावसायिकता के उच्च मानकों का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईसीएल में प्राप्त अनुभव उनके पूरे व्यावसायिक जीवन के लिए मजबूत आधार साबित होगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता देवामीरा दास ने भी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों से जिज्ञासु बने रहने, नई तकनीकों को अपनाने और निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समर्पण और नवाचार की भावना ही किसी भी पेशेवर को उत्कृष्ट बनाती है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन सिन्हा ने की। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों को ईसीएल की संगठनात्मक संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करने की सलाह देते हुए कहा कि टीम भावना, नैतिक आचरण और निरंतर कौशल विकास सफल करियर की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्रों में प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कंपनी की कार्यप्रणाली, नवाचार, परिचालन सुधार और मूल्य संवर्धन से जुड़े अनेक सुझाव प्रस्तुत किए। इससे युवा अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी मिला।
ईसीएल के अनुसार ‘अंकुरण 2.0’ केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी नेतृत्व तैयार करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य नव नियुक्त प्रबंधन प्रशिक्षुओं और विभागीय पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को संगठन की कार्यसंस्कृति, सुरक्षा मानकों, व्यावसायिक गतिविधियों और नेतृत्व मूल्यों से परिचित कराना है।
ईसीएल का मानना है कि युवा प्रतिभाओं के विकास में किया गया यह निवेश भविष्य में कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत आधार प्रदान करेगा। यही कारण है कि संगठन ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपने भावी नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।




































