अमरकंटक के समग्र विकास पर प्रशासन और संत समाज,पुजारियों की गहन चर्चा
भविष्य की विकास रूपरेखा एवं तीर्थ सुविधाओं को लेकर हुई वार्तालाप
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में शुक्रवार 10 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला विकास प्राधिकरण भोपाल तथा जिला प्रशासन अनूपपुर के संयुक्त तत्वावधान में अमरकंटक के सर्किट हाउस सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई । बैठक में संत-महात्माओं , नर्मदा मंदिर के पुजारियों , विभिन्न आश्रमों के प्रबंधकों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए अमरकंटक के समग्र विकास , धार्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया ।
बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. राजेन्द्र श्रीवास्तव ने की । उन्होंने बताया कि शहडोल संभाग में आयोजित यह तीसरी बैठक है जिसका उद्देश्य प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास हेतु संत समाज एवं स्थानीय प्रतिनिधियों के सुझाव प्राप्त करना है ।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक मंदिर का अपना विशिष्ट इतिहास , धार्मिक महत्व एवं पौराणिक परंपरा होती है । इनका व्यवस्थित दस्तावेजीकरण एवं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक है जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों की प्रामाणिक जानकारी प्राप्त हो सके । उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक मेले अथवा आयोजन की सूचना मेला विकास प्राधिकरण को कम से कम एक माह पूर्व उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें साथ ही आयोजन समितियों में प्रशासनिक प्रतिनिधियों की सहभागिता भी आवश्यक बताई गई ।
बैठक में विशेष रूप से एसडीएम वसीम अहमद भट्ट (आईएएस) , नायब तहसीलदार ज्ञानदास पनिका , नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते , मेला विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी उमेश पाण्डेय , अमरकंटक पटवारी अश्विनी तिवारी , संत स्वामी धर्मानंद जी महाराज , स्वामी नर्मदानंद जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं आश्रमो के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
संत समाज ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान संत समाज एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने तीर्थ क्षेत्र के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए । श्रद्धालुओं के लिए वर्षभर भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष बल दिया गया । सुझाव दिया गया कि नर्मदा जयंती तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष आने वाले यात्रियों के लिए ‘नर्मदा रसोई’ जैसी स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए ।
मंदिर पुजारी पंडित रूपेश द्विवेदी ने कबीर चबूतरा क्षेत्र में कथित अवैध वसूली पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की । वहीं पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी ने तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने , नर्मदा जन्मोत्सव हेतु विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने , मेला ग्राउंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त दिशा-सूचक (साइन) बोर्ड लगाने का सुझाव दिया । उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया ।
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि दक्षिण तट पर नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए स्थायी भोजन एवं विश्राम व्यवस्था विकसित की जाए । मंदिरों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू करने तथा श्रद्धालुओं के प्रति उनका व्यवहार अधिक सौहार्दपूर्ण एवं सेवाभावपूर्ण बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई । इसके साथ ही धर्मशालाओं के निर्माण एवं रखरखाव , सड़कों पर विचरण करने वाले गौवंश की समस्या के समाधान तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया ।
पंडित उत्तम प्रसाद द्विवेदी ने यात्रियों को गर्मी एवं वर्षा से राहत प्रदान करने हेतु पर्याप्त शेड एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था करने की आवश्यकता बताई । वहीं माई की बगिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा छोटे मंदिरों एवं स्थानीय मेलों के संरक्षण एवं विकास पर विशेष ध्यान देने की मांग भी उठाई गई ।
बैठक में उपस्थित संतों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अमरकंटक की धार्मिक गरिमा , प्राकृतिक सौंदर्य एवं सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य किए जाएं ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल अमरकंटक की प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ती रहे ।
बैठक में उपस्थित पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी , शारदा प्रसाद द्विवेदी , उत्तम प्रसाद द्विवेदी , धनेश प्रसाद द्विवेदी , जितेंद्र प्रसाद द्विवेदी , राजेश प्रसाद द्विवेदी , रूपेश द्विवेदी , योगेश दुबे , गणेश पाठक , सनत पाण्डेय , सब इंजीनियर सुमित चौकसे , रितिकेश सेन , उमाशंकर पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में संतगण , पुजारीगण , आश्रम प्रबंधक , नगर परिषद अमरकंटक के कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।



































