65 हजार रुपयों की झपटमारी का फरार आरोपी मध्यप्रदेश से गिरफ्तार
प्रोडक्शन वारंट पर लाई मनेन्द्रगढ़ पुलिस
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले की सिटी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2025 में हुई झपटमारी की वारदात का अहम खुलासा करते हुए लंबे समय से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर मनेन्द्रगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले और पुलिस टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी अभियान के तहत यह सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार 27 अक्टूबर 2025 की शाम करीब 7:30 बजे एक महिला अपनी बेटी के साथ मनेन्द्रगढ़ में सोने की चेन खरीदने आई थी। खरीददारी के दौरान दो अज्ञात युवकों ने झपट्टा मारकर उसका पर्स छीन लिया और फरार हो गये। पर्स में लगभग 65 हजार रुपये नगद रखे हुए थे। घटना के बाद सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में अपराध क्रमांक 182/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 304(2) एवं 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी मांज्या कुमार नट 32 वर्ष निवासी देवीनगर थाना परलकोट जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) की पहचान की। आरोपी के विरुद्ध न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया। बाद में जानकारी मिली कि वह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला जेल में किसी अन्य मामले में निरुद्ध है। इसके बाद न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। 10 जुलाई 2026 को आरोपी को मनेन्द्रगढ़ लाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में फरार दूसरे आरोपी की तलाश भी कर रही है।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक विवेक पाटले, पीएसआई कमलेश, सहायक उपनिरीक्षक अभिषेक पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्कल सिन्हा (साइबर सेल), प्रिन्स राय, नवीनदत्त तिवारी और आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एमसीबी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।



































