16 लाख पौधारोपण का लक्ष्य, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस
पौधा तिहार अभियान को मिली रफ्तार
एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। जिले में पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास को नई दिशा देते हुए निर्माणाधीन परसगढ़ी मेडिकल कॉलेज परिसर में वन महोत्सव के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और वन मण्डल मनेन्द्रगढ़ की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधारोपण कर हरित अभियान का शुभारंभ किया और लोगों से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, वनमंडलाधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
वनमंडलाधिकारी चंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिये वन मण्डल मनेन्द्रगढ़ को 16 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य मिला है। रोपे गये प्रत्येक पौधे की एक वर्ष तक नियमित निगरानी की जायेगी ताकि उनकी सुरक्षा और बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो लाख पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जायेगा। कार्यक्रम के पहले दिन मेडिकल कॉलेज परिसर में लगभग 700 पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाये। वन महोत्सव के दौरान वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि के प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किये गये।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनका संरक्षण भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही हरित अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। कार्यक्रम में ‘तुहर पौधा तिहार’ अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पौधों के वितरण के लिये दो विशेष वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इन वाहनों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पौधे पहुंचाकर हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। उनके अनुसार आसपास के पांच जिलों में इतनी आधुनिक और व्यापक सुविधाओं वाला मेडिकल कॉलेज उपलब्ध नहीं है। इसके शुरू होने से जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी वहीं स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिये बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को ध्यान में रखते हुए सड़क और रेल संपर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। पाराडोल और चिरमिरी के नये रेलवे स्टेशन भविष्य में विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों के लिये महत्वपूर्ण साबित होंगे साथ ही जिले में सड़क नेटवर्क के विस्तार से विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
वन महोत्सव का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जनकल्याण जैसे विभिन्न उद्देश्यों का संगम बनकर उभरा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और जिले को अधिक हरा भरा बनाने का संदेश दिया।




































