रंजीत दफाई की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान, पार्षद अर्चना अजय यादव की पहल लाई रंग
वार्डवासियों ने जताया आभार, उपाध्यक्ष पर श्रेय लेने की कोशिश के लगे आरोप

अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक-09 स्थित रंजीत दफाई में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे सैकड़ों लोगों को अब नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस उपलब्धि का श्रेय वार्ड की पार्षद अर्चना अजय यादव को देते हुए स्थानीय लोगों ने उनका आभार व्यक्त किया है। वहीं क्षेत्र में इस कार्य को लेकर श्रेय की राजनीति भी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार रंजीत दफाई में गर्मी ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष पेयजल संकट बना रहता था। वार्डवासियों ने कई बार नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने अपनी समस्या वार्ड पार्षद अर्चना अजय यादव के समक्ष रखी। पार्षद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी शिवांगी सिंह बघेल से चर्चा कर स्थायी समाधान की दिशा में पहल शुरू की।
नगर परिषद क्षेत्र में हाल ही में कराए गए लगभग एक दर्जन नए बोरवेलों में से वार्ड क्रमांक-09 अमलाई मोहाड़ा में स्थापित बोरवेल को रंजीत दफाई की पेयजल योजना से जोड़ा गया। यहां 3 एचपी क्षमता का पंप स्थापित कर पाइपलाइन के माध्यम से रंजीत दफाई तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई। कार्य के दौरान तकनीकी और व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन पार्षद अर्चना अजय यादव ने लगातार अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य को पूरा कराया।
अब पाइपलाइन के जरिए रंजीत दफाई में नियमित जलापूर्ति शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। वार्डवासियों का कहना है कि यह केवल पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही गंभीर पेयजल समस्या का स्थायी समाधान है, जिससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले कई स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ था, लेकिन पार्षद अर्चना अजय यादव ने लगातार प्रयास कर कार्य को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि वार्ड की जनता उनकी सक्रियता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करती है।
इधर इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के उपाध्यक्ष इस कार्य का श्रेय स्वयं लेने का प्रयास कर रहे हैं। वार्डवासियों का कहना है कि उपाध्यक्ष द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि नईम अंसारी के घर के सामने कराए गए बोरवेल के माध्यम से रंजीत दफाई में पेयजल व्यवस्था उनके प्रयासों से संभव हुई है, जबकि स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस पूरी योजना की पहल, अधिकारियों से समन्वय और कार्य की सतत निगरानी वार्ड पार्षद अर्चना अजय यादव ने की थी।
रंजीत दफाई के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों का श्रेय लेने की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध होना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है और इसके लिए जिस जनप्रतिनिधि ने वास्तविक प्रयास किए हैं, उसे ही इसका श्रेय मिलना चाहिए। वार्डवासियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी तरह क्षेत्र की अन्य मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।




































