कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर: शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर। जिले में हाथियों का विचरण लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। गुरुवार रात करीब 8 बजे जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर एवं भोलगढ़ क्षेत्र में उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब तीन हाथियों के दल में शामिल एक विशाल दो दांत वाला हाथी जंगल से निकलकर बस स्टैंड के समीप राष्ट्रीय राज्यमार्ग को पार करते हुए भोलगढ़ गांव की ओर बढ़ गया। वहीं उसके साथ के दो अन्य हाथी देर रात तक भोलगढ़ के जंगल में ही विचरण करते रहे।
वन विभाग के अनुसार हाथियों का दल पिछले कई दिनों से बरबसपुर वन बीट और भोलगढ़ के जंगल में डेरा डाले हुए है। दिनभर जंगल में विश्राम करने के बाद शाम ढलते ही हाथियों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं, जिससे आसपास के ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है। वन विभाग की गश्ती टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और उनके प्रत्येक मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग रात के समय जंगल या खेतों की ओर न जाएं तथा अपने घरों में रखे महुआ, महुआ का लाहन, कच्ची शराब अथवा अन्य तेज गंध वाली सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखें, क्योंकि इनकी गंध से हाथी आबादी की ओर आकर्षित हो सकते हैं। साथ ही ग्रामीणों से हाथियों के निकट न जाने, उन्हें छेड़ने या भगाने का प्रयास न करने की भी अपील की गई है।
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह इसी हाथी दल ने भोलगढ़ गांव में केसरत बैगा के घर को नुकसान पहुंचाया था। हाथियों ने मकान की दीवार तोड़कर अंदर रखी धान खा ली तथा चार बड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखा महुआ का लाहन बिखेर दिया। घटना के बाद हाथी मुख्य मार्ग पार कर पुनः भोलगढ़ के जंगल में चले गए थे। इस घटना से ग्रामीणों में पहले से ही दहशत का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग ने बताया कि हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और गश्ती दल गांव-गांव जाकर लोगों को मुनादी एवं अन्य माध्यमों से सतर्क कर रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन अमले को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जन-धन की हानि से बचाव हो सके।





























































