बीसीसीएल की मुनिडीह कोलियरी की XV सीम लॉन्गवॉल परियोजना में सतही संगतता परीक्षण सफल, भूमिगत कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति

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बीसीसीएल की पश्चिमी झरिया क्षेत्र स्थित मुनिडीह कोलियरी की XV सीम लॉन्गवॉल परियोजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नव आगत लॉन्गवॉल उपकरणों का सतही संगतता (सर्फ़ेस कम्पैटिबिलिटी) परीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। इस सफलता के साथ उपकरणों की भूमिगत स्थापना एवं कमीशनिंग के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित हो गई हैं तथा XV सीम से आधुनिक यंत्रीकृत कोयला उत्पादन प्रारंभ करने की दिशा में परियोजना ने एक महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है।

इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया तथा निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार ने परियोजना स्थल का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की तथा लॉन्गवॉल प्रणाली के सफल सतही संगतता परीक्षण का अवलोकन किया। निदेशक मंडल ने पावर्ड रूफ सपोर्ट (पीआरएस) के विभिन्न कम्पोनेंट को भूमिगत कार्यस्थल तक भेजे जाने हेतु हरी झंडी दिखाकर परियोजना के अगले चरण का शुभारंभ किया। अब परियोजना के अंतर्गत उपकरणों की भूमिगत स्थापना, परीक्षण एवं कमीशनिंग की प्रक्रिया निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक (समन्वय) श्री अरिंदम मुस्तफी, महाप्रबंधक (पश्चिमी झरिया) श्री वी. विजय कुमार, अपर महाप्रबंधक (पश्चिमी झरिया) श्री एस. के. पांजा तथा मुनिडीह कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी डॉ. सनी राव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त INDU–SCCL–Corum Consortium के प्रतिनिधियों तथा चीन, चेक गणराज्य एवं जर्मनी से आए मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सनी राव ने XV सीम लॉन्गवॉल परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए उपकरणों के सफल आगमन एवं सतही संगतता परीक्षण, परियोजना की प्रगति, कार्यान्वयन कार्यक्रम, परिचालन तैयारियों तथा भूमिगत कमीशनिंग एवं उत्पादन प्रारंभ करने की आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज अग्रवाल ने कहा कि XV सीम लॉन्गवॉल परियोजना कंपनी की रणनीतिक परियोजनाओं में से एक है, जो भूमिगत यंत्रीकृत कोयला उत्पादन को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ आधुनिक खनन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने परियोजना टीम को समयबद्ध तरीके से उपकरणों की कमीशनिंग सुनिश्चित करने, परिचालन दक्षता बनाए रखने तथा लॉन्गवॉल प्रणाली का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, परियोजना दल को सभी सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित एसओपी का पालन करते हुए चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ब्रेक-ईवन उत्पादन स्तर प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए परियोजना को लाभदायक एवं दीर्घकालिक रूप से सतत संचालन का सफल मॉडल बनाने पर विशेष बल दिया।

बीसीसीएल आधुनिक एवं सुरक्षित खनन तकनीकों को अपनाकर भूमिगत कोयला उत्पादन क्षमता में वृद्धि, परिचालन दक्षता में सुधार तथा आत्मनिर्भर एवं तकनीक-सक्षम कोयला उत्पादन प्रणाली के विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। मुनिडीह की XV सीम लॉन्गवॉल परियोजना की यह उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इसके सफल क्रियान्वयन से भविष्य में कंपनी के भूमिगत उत्पादन को नई मजबूती मिलने की अपेक्षा है।

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