केवई नदी के रेत घाटों पर अवैध उत्खनन का आरोप, रातभर दौड़ रहे रेत से भरे वाहन
बैहाटोला रेलब्रिज, कटकोना और मुक्तिधाम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत चोरी की शिकायत, पुलिस-खनिज-राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
अनूपपुर। जिले के कोतमा पुलिस अनुविभाग अंतर्गत केवई नदी के बैहाटोला रेलब्रिज, कटकोना, मुक्तिधाम और आसपास के रेत घाटों पर अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि देर रात से सुबह तक दर्जनों भारी वाहन बिना वैध दस्तावेजों के नदी से रेत निकालकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचाते हैं। बैहाटोला रेलब्रिज के समीप भारी वाहनों के आवागमन के निशान और वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रतिदिन रात में 25 से 30 वाहनों का काफिला सक्रिय रहता है, जिनमें कई वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं होती। आरोप है कि रेत का अवैध भंडारण पहले से कर लिया जाता है और बरसात के दौरान ऊंचे दामों पर इसकी बिक्री की जाती है, जिससे शासन को हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र में बिना ट्रांजिट पास (टीपी) के रेत का कारोबार किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भौतिक सत्यापन कराए तो बड़ी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित रेत का खुलासा हो सकता है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अवैध परिवहन के लिए कथित रूप से प्रति वाहन निर्धारित राशि लेकर पूरी रात निर्बाध आवागमन की सुविधा दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं, जिससे अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और खनिज विभाग से रात्रिकालीन संयुक्त अभियान चलाकर केवई नदी के रेत घाटों, बैहाटोला मार्ग तथा संदिग्ध भंडारण स्थलों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।




































