1 जुलाई के आंदोलन को सफल बनाएं मजदूर: हरिद्वार सिंह
12वें वेतन समझौते में देरी पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, ट्रेड यूनियनों से एकजुट होकर आंदोलन में भागीदारी की अपील
अनूपपुर। 11वें वेतन समझौते की अवधि 30 जून को समाप्त होने के बाद 1 जुलाई से 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर कोयला मजदूरों में नाराजगी बढ़ रही है। इस मुद्दे पर एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मानकीकरण समिति के सदस्य ने मजदूरों से 1 जुलाई के आंदोलन को पूरी ताकत के साथ सफल बनाने का आह्वान किया है।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि नियमानुसार 11वें वेतन समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार को अधिसूचना जारी कर जेबीसीसीआई के गठन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, जिसके बाद प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के जरिए 12वें वेतन समझौते पर चर्चा होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं होने से कोयला श्रमिकों में भारी असंतोष है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लेबर कोड के माध्यम से श्रमिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार किसानों और मजदूरों दोनों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि यदि मजदूर एकजुट होकर आंदोलन की कमान संभालेंगे तो उसकी गूंज दिल्ली तक पहुंचेगी। उन्होंने सभी ट्रेड यूनियनों से प्रचंड एकता का प्रदर्शन करते हुए 1 जुलाई के आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।




































