12वां वेतन समझौता लागू होने तक नहीं थमेगा आंदोलन : रोशन उपाध्याय
कोतमा कॉलरी भालूमाड़ा वर्कशॉप में बीएमएस की हुंकार, सैकड़ों श्रमिकों ने किया प्रदर्शन, प्रबंधन को दी निर्णायक संघर्ष की चेतावनी

जमुना-कोतमा। एसईसीएल के जमुना-कोतमा क्षेत्र अंतर्गत कोतमा कॉलरी भालूमाड़ा वर्कशॉप में मंगलवार, 30 जून 2026 को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (जेबीसीसीआई-12) को तत्काल लागू कराने की मांग को लेकर विशाल गेट मीटिंग आयोजित की गई। गेट मीटिंग में सैकड़ों की संख्या में कोयला श्रमिक शामिल हुए और केंद्र व कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए लंबित वेतन समझौते को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई। श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए बीएमएस के एरिया महामंत्री रोशन उपाध्याय ने कहा कि कोयला श्रमिकों के धैर्य की लगातार परीक्षा ली जा रही है। वर्षों से लंबित 12वें वेतन समझौते को टालना लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों ने उत्पादन बढ़ाने में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन जब उनके अधिकारों की बात आती है तो प्रबंधन चुप्पी साध लेता है। यह स्थिति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रोशन उपाध्याय ने दो टूक शब्दों में कहा, “जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होगा, तब तक भारतीय मजदूर संघ का आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। गेट मीटिंग, धरना, प्रदर्शन और चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी रहेगा। यदि प्रबंधन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कोल इंडिया प्रबंधन की होगी
क्षेत्रीय अध्यक्ष विजय सिंह ने कहा कि वेतन समझौते में हो रही अनावश्यक देरी से श्रमिकों में भारी असंतोष है। बीएमएस श्रमिकों के सम्मान और अधिकारों के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करेगा तथा किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा।
क्षेत्रीय नेता सरजू ने कहा कि कोयला श्रमिकों की एकता ही बीएमएस की सबसे बड़ी ताकत है। संगठन श्रमिक हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और मांग पूरी होने तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा
यूनियन नेता संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “12वें वेतन समझौते में हो रही देरी से श्रमिकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। अब समय आ गया है कि प्रबंधन श्रमिकों की आवाज सुने और तत्काल समझौता लागू करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र के श्रमिक एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।”
गेट मीटिंग के दौरान सैकड़ों महिला पुरुष श्रमिकों ने एक स्वर में 12वां वेतन समझौता तत्काल लागू करने की मांग दोहराई। बीएमएस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि लाखों कोयला श्रमिकों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है तथा जब तक 12वां वेतन समझौता लागू नहीं होता, तब तक संघर्ष लगातार जारी रहेगा




































