न्यायालय की अनुमति के बाद सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस की कार्यवाही, बीएनएसएस की धारा 217 और 248 के तहत अपराध पंजीबद्ध
मनेन्द्रगढ़। पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने झूठी और भ्रामक शिकायत प्रस्तुत कर निर्दोष लोगों को गंभीर मामलों में फंसाने का प्रयास करने वाली एक महिला के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। न्यायालय से अभियोजन की अनुमति प्राप्त होने के बाद महिला के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 217 और 248 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
मनेन्द्रगढ़ पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित महिला ने अपने पति और अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाने, जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न अधिकारियों के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की थीं। शिकायत की विस्तृत जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के परीक्षण में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच में शिकायत पूरी तरह झूठी, भ्रामक और तथ्यों से परे पाई गई। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित महिला पूर्व में भी इसी प्रकार की झूठी शिकायतें देकर लोगों को गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने, समझौते के नाम पर धनराशि प्राप्त करने और शासन द्वारा दी जाने वाली राहत राशि का अनुचित लाभ लेने का प्रयास करती रही है। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले द्वारा माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनेन्द्रगढ़ से अभियोजन की अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद इस्तगासा क्रमांक 01/2026 के आधार पर महिला के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 217 और 248 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्यवाही प्रारंभ की गई।
एमसीबी जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की शिकायत केवल सत्य तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही प्रस्तुत करें। झूठी अथवा भ्रामक शिकायत देकर निर्दोष व्यक्तियों को फंसाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।





























































