शहडोल
शहडोल के सेंट्रल एकेडमी में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय वार्षिक ब्लैक बेल्ट प्रशिक्षक सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग 100 ब्लैक बेल्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों ने भाग लिया। विशेष बात यह रही कि बड़ी संख्या में बेटियां और युवा छात्राएं भी आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए इस शिविर में शामिल हुईं।
इंडियन कराते के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश स्पोर्ट्स कराते एसोसिएशन के अध्यक्ष हांशी राजेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का उद्देश्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कराते प्रशिक्षण देने के साथ-साथ महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट जिलों के खिलाड़ियों ने विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया। शिविर में 30 खिलाड़ियों ने ब्लैक बेल्ट मास्टर डिग्री की उपाधि प्राप्त की, वहीं राष्ट्रीय कराते फेडरेशन द्वारा 6 खिलाड़ियों को ब्लैक बेल्ट डिप्लोमा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सहायक प्रशिक्षक के रूप में अजय चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय के संचालक संजय मिश्रा का विशेष सहयोग और योगदान रहा।
आयोजन को सफल बनाने में इंडियन कराते जिला शहडोल के अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा, सचिव रामकिशोर चौराशिया तथा जिला कराते संघ अनूपपुर के सचिव किशोर साकेत का सराहनीय योगदान रहा।
प्रशिक्षण शिविर में मौजूद बालिकाओं ने कहा कि कराते केवल एक खेल नहीं बल्कि आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम है। आज के समय में हर बेटी के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बेहद जरूरी है, जिससे वह हर परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रख सके और आत्मनिर्भर बन सके। कार्यक्रम ने “बेटी सशक्त, समाज सुरक्षित” का संदेश भी दिया।




































