जैतहरी की ओर बढ़ा चार हाथियों का दल, ग्रामीणों में दहशत; वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

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जैतहरी की ओर बढ़ा चार हाथियों का दल, ग्रामीणों में दहशत; वन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर – शशिधर अग्रवाल

अनूपपुर। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल से विचरण करते हुए चार जंगली हाथियों का दल मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र में प्रवेश कर गया है। हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों के लिए हाई अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि हाथियों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार चार हाथियों का समूह 24 जून की रात लगभग 8:50 बजे छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के शिवनी बीट स्थित डडिया जंगल से मालाडांड होते हुए अनूपपुर जिले की जैतहरी सीमा में प्रवेश किया। हाथियों ने गूजर नाला पार कर चोलना, बचहा टोला और छातापटपर क्षेत्र से होते हुए गुरुवार को धनघवां बीट के कुसुमहाई जंगल में दिनभर विश्राम किया। शाम होते ही हाथियों का दल जंगल से निकलकर पटौराटोला, कुसुमहाई और टकहुली गांव पहुंचा, जहां एक ग्रामीण के घर में तोड़फोड़ करने के साथ खेत एवं बाड़ी में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया।

इसके बाद हाथियों का दल जैतहरी नगर के समीप स्थित लहरपुर गांव की दिशा में बढ़ गया। वन विभाग का अनुमान है कि देर रात हाथियों के जैतहरी नगर की सीमा में प्रवेश करने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए वन विभाग का गश्ती दल लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

वन विभाग ने जंगल से लगे क्षेत्रों एवं अलग-थलग बने कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय खुले में न निकलें तथा परिवार सहित सुरक्षित पक्के मकानों या बीच बस्ती में रहें। ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक जाने, उन्हें घेरने, शोर मचाने अथवा वीडियो बनाने के उद्देश्य से पीछा करने से भी सख्त मना किया गया है।

जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हाथियों के साथ छेड़छाड़ करता है अथवा उन्हें परेशान करने का प्रयास करता है और इसकी पुष्टि प्रत्यक्ष सूचना या वायरल वीडियो से होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने नागरिकों से किसी भी आपात स्थिति या हाथियों की गतिविधि की सूचना तत्काल विभागीय अधिकारियों को देने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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