भूजल स्तर बढ़ाने तथा जल संरक्षण व सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए मनरेगा के विभिन्नसंरचनाओं के कार्य हुए पूर्ण
3245 खेत तालाब व डगबेल रिचार्ज के 452 कार्य तथा वाटरशेड प्रबंधन के सभी 24 कार्य हुए पूर्ण
अनूपपुर 24 जून 2026/ राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जिले में कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी के मार्गदर्शन में जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत स्वीकृत जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के अंतर्गत जिले में भू-जल स्तर बढ़ाने, वर्षा जल के संरक्षण तथा सिंचाई क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न निर्माण कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। जल सहेजने की विभिन्न श्रेणियों में तय लक्ष्यों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य पूरे किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘डगवेल रिचार्ज’ (कुआं पुनर्भरण) कार्यों में जिला प्रशासन को उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। विभाग द्वारा स्वीकृत कुल 455 डगवेल रिचार्ज कार्यों में से 452 कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जो कि कुल लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत है। इसी प्रकार, किसानों के खेतों में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वीकृत 3,691 ‘फार्म पॉण्ड’ (खेत तालाब) के विशाल लक्ष्य में से अब तक 3,245 तालाबों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन तालाबों के बनने से वर्षा जल के संग्रहण के साथ-साथ आगामी खरीफ और रबी फसलों के लिए स्थानीय स्तर पर ही सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे कृषि उत्पादन को सीधा लाभ मिलेगा।
जल संरचनाओं के रख-रखाव और उनके संवर्धन के क्षेत्र में भी तकनीकी अमले द्वारा बेहतर परिणाम परिलक्षित किए गए हैं। ‘वाटरशेड प्रबंधन’ से संबंधित सभी 24 कार्यों को पूरा कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके साथ ही, ‘इरिगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर’ (सिंचाई अधोसंरचना) के तहत स्वीकृत सभी 4 कार्यों की पूर्णता सुनिश्चित कर ली गई है। जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण से संबंधित अन्य कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जिसके अंतर्गत जल संरक्षण एवं रिचार्ज के लिए स्वीकृत 389 कार्यों में से 364 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, जिले में पुरानी और जर्जर जल संरचनाओं को दोबारा उपयोगी बनाने के उद्देश्य से ‘रिपेयर एंड मेंटेनेंस वाटर स्ट्रक्चर’ श्रेणी के तहत 44 कार्यों में से 42 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन संरचनाओं के पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को रोकने और जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और तकनीकी अमले को निर्देश दिए हैं कि शेष बचे सभी निर्माण कार्यों को आगामी वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने से पूर्व प्राथमिकता के आधार पर हर हाल में पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा पौधारोपण से संबंधित ‘गैप फिलिंग इन प्लांटेशन’ के तहत स्वीकृत 1,109 कार्यों में से पूर्ण हो चुके 188 कार्यों की गति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, ‘नॉट परमिसिबल’ श्रेणी के 343 कार्यों में से पूर्ण हो चुके 229 कार्यों के अलावा शेष कार्यों को जल्द पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय पर शासकीय राशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके।




































